22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पैसों के लेनदेन को लेकर युवक की हत्या, जनपद उपाध्यक्ष पति सहित छह आरोपियों ने रची थी साजिश

चौरई पुलिस ने अंधे हत्याकांड का किया खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार, दो आरोपी फरार

2 min read
Google source verification
chori police

chori police

छिंदवाड़ा. चौरई थाना अंतर्गत छिंदवाड़ा- सिवनी मार्ग पर आठ मार्च 2026 को युवक का शव मिला था जिसकी शिनाख्त कृष्ण कुमार (35) पिता देवचंद्र वर्मा निवासी हिवरखेड़ी से हुई थी, मृतक के गले पर चोट के निशान थे तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर रस्सी जैसी चीज से दबाने से दम घुटने से मौत होना सामने आया था। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पैसों के लेनदेन से युवक की हत्या होना सामने आया है। चौरई जनपद उपाध्यक्ष का पति व पूर्व मंडल अध्यक्ष कमलेश वर्मा तथा अन्य पांच लोगों ने इस हत्या को अंजाम दिया है। चौरई पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा है जबकि दो आरोपी अभी फरार है।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कमलेश वर्मा जो कि मृतक कृष्णकुमार वर्मा की जमीन ठेके पर लेता था, पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद होता था। इस विवाद तथा पैसे देने से बचने के लिए हत्या की साजिश रची गई थी। सात मार्च को कमलेश वर्मा, विपिन वर्मा, अखिलेश वर्मा, शुभम वर्मा, चंद्रकांत वर्मा, मनोज विश्वकर्मा सभी निवासी हिवरखेड़ी चौरई ने योजना बनाते हुए मृतक को बुलाया तथा सुनसान एरिया में गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी थी। बाद में शव को चौपहिया वाहन की मदद से चोरगांव रोड ब्रिज के पाए लाए तथा सुनसान में फेंक दिए थे। समीप ही उसकी बाइक भी फेंक कर आरोपी मौके से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ लिया है वहीं जनपद उपाध्यक्ष का पति कमलेश वर्मा तथा विपिन वर्मा फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

इस कार्रवाई में चौरई टीआई मोहन सिंह मर्सकोले, एसआई पारसनाथ आर्मो, एएसआई शेख आजाद, प्रधान आरक्षक गोपाल साहू, आरक्षक जितेंद्र बघेल, सूर्योदय बघेल, रोहित ठाकुर, अभिषेक सनोडिया, विमल चौहान, राजेश सनोडिया, संजय पटेल, नीलू बघेल, सायबर सेल नितिन सिंह की मुख्य भूमिका रही है। जांच अधिकारी एसआई पारसनाथ आर्मो ने बताया कि हत्या पैसों के लेनदेन को लेकर की गई है चार आरोपी पकड़ में है जबकि दो आरोपी कमलेश वर्मा तथा विपिन वर्मा अभी फरार है।