
Advantages of lockdown: easy work..files too quickly and scholarship a
छिंदवाड़ा/ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने लगाए गए लॉकडाउन के समय में आदिम जाति कल्याण विभाग की अधिकांश सेवाओं के ऑनलाइन होने से वर्क फ्रॉम होम अधिक सुविधाजनक हो गया है। चाहे पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन से लेकर स्वीकृति हो या फिर एमपी टास्क ऐप से छात्रावास की आवश्यकताओं की पूर्ति। अधिकारी-कर्मचारी कोरोना लॉकडाउन पीरियड में घर बैठे काम कर रहे हैं। इससे सरकारी कामकाज पर भी प्रभाव नहीं पड़ रहा है। सहायक आयुक्त एनएस बरकड़े कहते हैं कि विभाग की जितनी भी ऑनलाइन सेवाएं हैं, उनमें कोई भी परेशानी नहीं हो रही है। भोपाल में इ-फाइल सिस्टम लागू हो गया है, जल्द ही जिला मुख्यालय में भी ये सुविधा मिलने पर विभागीय फाइल कम्प्यूटर में एक क्लिक पर आसानी चलेगी।
इधर, जिला शिक्षा केंद्र और वन विभाग के कुछ दफ्तरों में भी वर्क फ्रॉम होम से सरकारी कामकाज आसान बनाया गया है। यहां के कर्मचारियों ने भी इसके नतीजे उत्साहवर्धक बताए हैं।
ऑफलाइन से भी दफ्तरी कामकाज आसान
वर्क फ्रॉम होम के दो तरीके हैं-एक ऑनलाइन और दूसरा ऑफलाइन। ऑनलाइन में एमपी समाधान, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई की शिकायतों को सीधे पीडि़त से बात कर निराकरण मोबाइल से सीधे फीडिंग कार्य किया जा सकता है। ऑफलाइन में जरूरी फाइलों को घर लाकर सीधे नोटशीट तैयार की जाए और फिर ड्यूटी वाले दिन अधिकारी से स्वीकृति ले ली जाए तो शासकीय कामकाज प्रभावित नहीं होगा।
सुरेंद्र साहू, आदिम जाति कल्याण विभाग
यदि कोई कर्मचारी लॉकडाउन पीरियड में कहीं फंस गया और दफ्तर नहीं आ पा रहा है तो वर्तमान में वर्क फ्रॉम होम उसके लिए सुविधाजनक है। इसके साथ ही ऑनलाइन सेवाओं की पूर्ति या फिर आवश्यक जानकारी मांगे जाने पर उसे घर बैठे इ-मेल से दिया जा सकता है।
रमेश शर्मा, जिला शिक्षा केंद्र
यदि कर्मचारी चाहे तो भोपाल से आने वाले सरकारी प्रपत्र को वाट्सऐप से सीधे अपने घर में लैपटॉप या कम्प्यूटर पर लेकर उसका जवाब अथवा जानकारी तैयार कर सकता है। इसके साथ ही ब्रांच
से सम्बंधित केस भी निराकृत किए जा सकते हैं। इसके अलावा डाटा सीट, सर्विस बुक समेत काम किए जाने से शासकीय कार्य पर प्रभावित नहीं होगा।
मालती सिंगारे, वन विभाग
Published on:
17 May 2020 06:30 pm
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