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navratra:यहां 23 साल से जल रही है अखंड ज्योत

शैलपुत्री माता का मंदिर की यह है कहानी

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navratra:यहां 23 साल से जल रही है अखंड ज्योत

navratra:यहां 23 साल से जल रही है अखंड ज्योत

छिंदवाड़ा. पर्वतराज हिमालय की तपस्या के अवतरित हुई नव दुर्गा में प्रथम पूज्य मां शैलपुत्री देवी की आराधना का विशेष महत्व है। शहर के बुधवारी स्थित सब्जी बाजार में स्थित मंदिर में मां शैलपुत्री का मंदिर स्थित है। शारदेय नवरात्र में यह स्थान इस समय देवी भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। यूं तो वर्ष भर मंदिर में प्रतिदिन आरती के साथ विविध धार्मिक आयोजन होते हैं लेकिन शारदेय नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनती है। नवरात्र में मातारानी के इस रूप के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। रात को आरती के समय मुख्य मार्ग पर आवाजाही थम जाती है। मातारानी के श्रृंगार के साथ उनका दिव्य होता रूप दर्शकों को बांधे रखता है। यहां प्रज्ज्वलित अखंड ज्योत के दर्शन करके श्रद्धालु धन्य हो रहे हैं। वर्षों पहले से एक पेड़ के नीचे माता रानी की पूजा श्रद्धालु करते थे। 1997 में यहां भक्तों ने इस स्थान को मंदिर की शक्ल दी और वहां मातारानी की संगमरमरी विग्रह को प्रतिस्थापित किया। तब से मंदिर में देवी भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 23 साल से जल रही अखंड ज्योत यूं तो मातारानी की आरती के लिए रोज दीप प्रज्वलित होते हैं। चैत्र और शारदेय नवरात्र में मंगल कलश भी जगमगाते हैंं। इस बार भी 151 कलश यहां रखे गए हैं लेकिन एक ज्योत है जिसका प्रकाश 23 साल से लगातार जगमगा रहा है। मंदिर की स्थापना और मातारानी की प्राण प्रतिष्ठा के बाद गर्भगृह में दीप प्रज्वलित किया गया था। वह दीपक आज तक बुझा नहीं है। 24 घ्ंाटे और 356 दिन इस दीप से प्रकाश आलोकित हो रहा है। मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारी और पूजा अर्चना करने वाले पुरोहित इस दीपक की जो अभी तक अखंड रखे हुए हैं। भक्त भी इसे माता रानी का चमत्कार बता रहे हैं।
छटवी तिथि को मनेगी मंदिर की वर्षगाठ
23 साल पहले नवरात्र में ही यहां मातारानी विराजी थी। इस साल शारदेय नवरात्र की छटवीं तिथि 4 अक्टूबर को मंदिर का वार्षिकोत्सव आ रहा है। इस दिन यहां विशेष पूजन होगा। मातारानी का विशेष श्रृंगार होगा तो महाआरती के साथ भंडारे का आयोजन भी किया गया है। रात आठ बजे रोज मातारानी की आरती की जा रही है। मंदिर समिति के अध्यक्ष शैलू मिश्रा ने बताया कि रविवार 6 तारीख को अष्टमी पूजनऔर हवन होगा। सोमवार को नवमी के साथ कन्याभोज और ज्वारे विसर्जन की यात्रा धूमधाम से निकलेगी।