
आंगनबाड़ी केंद्र
छिंदवाड़ा. जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्षभर तक चली गतिविधियों के बाद अब उनकी वार्षिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। विभिन्न बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी के अनुसार इसकी ऑनलाइन फीडिंग का काम चल रहा है। आंगनबाड़ी एनुअल सर्वे रिपोर्ट के बाद आंगनबाड़ी, सेक्टर, परियोजना और जिला स्तर पर गे्रड दिए जाएंगे। समीक्षा के बाद जहां जिन बिंदुओं में कमी देखी जाएगी उस सम्बंध में और नए निर्देश दिए जाएंगे। ध्यान रहे इस वर्ष मासिक ग्रेडिंग में जिले का परफार्मेंस ज्यादा अच्छा नहीं रहा है और सम्भाग में मंडला बालाघाट जैसे जिले उससे आगे रहे हैं।
अक्टूबर के बाद महिला बाल विकास विभाग के विभिन्न अभियानों का संचालन भी धीमी गति से चला। विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनाव में विभाग के कर्मचारियों की भूमिका अहम रही। बीएलओ के रूप में जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने काम किया तो मतदान के समय भी बूथों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। मैदानी कर्मचारियों का कहना है कि इसके बावजूद विभाग के प्रमुख अभियानों का संचालन भी होता रहा। अब नए सिरे से विभागीय निर्देशों के अनुसार कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
आइएलए का चल रहा प्रशिक्षण
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विशेष प्रशिक्षण भी चल रहा है। विभाग की विभिन्न योजनाओं और विशेष कार्यक्रम के तहत उनके क्रियान्वयन की दृष्टि से यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ध्यान रहे जिले में तीन हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र हैं। प्रशिक्षण में ऐसी आंगनबाडिय़ां जिनका परफार्मेंस अच्छा नहीं रहा है वहां की कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश के साथ प्रशिक्षण लेने और उसके बाद मैदान में ठीक तरह से काम करने कहा जा रहा है।
कुपोषितों पर विशेष ध्यान
जिले में कुपोषित बच्चों पर विभाग द्वारा फिर से ध्यान दिया जा रहा है। जिले की 14 परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सेक्टरों में से ऐसी आंगनबाडिय़ां जहां अतिकुपोषित और मध्यम श्रेणी में बच्चे मिले हैं उन परिवारों को विशेष भोजन के तहत सोयाबड़ी का वितरण किया जा रहा है।
Published on:
09 May 2019 11:37 am
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