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Apaar ID: विद्यार्थियों को एक राष्ट्र एक छात्र के रूप में मिलेगी पहचान

- डिजिलॉकर इको सिस्टम के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगी अपार आईडी

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Apaar ID

एक राष्ट्र एक छात्र की संकल्पना के साथ अब विद्यार्थियों को एक विशेष आईडी मिलेगी। इसे ‘अपार’ नाम दिया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने छिंदवाड़ा सहित प्रदेश के समस्त जिलों में कक्षा नर्सरी से 12 तक के विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करने के निर्देश एक पखवाड़े पूर्व ही दे दिए थे। अब शिक्षा विभाग गति तेज कर रहा है। अपार आईडी अद्वितीय प्रकृति की होगी, जो एक राष्ट्र एक छात्र आईडी के रूप में काम करेगी।

12 अंकों का कोड है अपार आईडी

अपार आईडी 12 अंकों का कोड है। यह विद्यार्थी के आधार से लिंक रहेगी। इसमें विद्यार्थी की उपलब्धियां जैसे परीक्षा परिणाम, समग्र रिपोर्ट कार्ड, क्रेडिट स्कोर, छात्र वृत्ति, सिखाने के परिणामों के अतिरिक्त अन्य उपलब्धियों को डिजिटल रूप से संग्रहित करने किया जाएगा। सार रूप में यदि कहा जाए तो अपार आईडी डिजिलॉकर इकोसिस्टम तक पहुंचने का प्रवेश द्वार होगा। जो विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति की ट्रैकिंग करने के अतिरिक्त विद्यार्थी किसी भी स्थान से किसी भी समय अपने प्रामाणिक शैक्षणिक अभिलेख तक पहुंच सकता है। अपार आईडी की सहायता से शैक्षणिक संस्थानों के बीच स्थानांतरण, कौशल विकास, नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते समय सुविधा होगी।

अपार आईडी जनरेट करने की यह है प्रक्रिया

विद्यार्थी का नाम, माता- पिता का नाम, जन्म दिनांक, जेंडर, आधार नंबर के साथ चाइल्ड प्रोफाइल एंट्री संपूर्ण होने के साथ आधार सत्यापित होना चाहिए। विद्यार्थी का प्रोफाइल में नाम और आधार कार्ड में नाम एक समान होना आवश्यक हैद्ध अभिभावक का मोबाइल नंबर एवं कोई एक पहचान पत्र भी जरूरी है। अभिभावक की सहमति, एक प्रपत्र के माध्यम से लेने के बाद प्रपत्र में भरी जानकारी की जांच करके सत्यापन किया जाएगा। उसके बाद स्कूल स्तर पर प्रभारी शिक्षक स्कूल यूजर एसडीएमएस पोर्टल में लाग इन कर, सत्र 2024-25 में स्टूडेंट प्रोफाइल में जाकर अपार मॉड्यूल से सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी जनरेट करेंगे।

40 फीसद लक्ष्य हुआ पूरा

अपार आईडी बनाए जाने की प्रक्रिया 15 दिनों से जारी है। स्कूल स्तर पर ही अपार आईडी निशुल्क बनाई जा रही है। यह अनिवार्य है। कुल तीन लाख 34 हजार 734 विद्यार्थियों में से एक लाख 35 हजार 33 अपार आईडी जनरेट हो चुकी है। प्रदेश के 15 टॉप जिलों में बालाघाट, पांढुर्ना के बाद छिंदवाड़ा का तीसरा स्थान है। छिंदवाड़ा में अपार आईडी का प्रतिशत 40.3 है।
- मुकेश श्रीवास्तव, एपीसी एवं जिला नोडल अधिकारी अपार आईडी