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भूली में बांध निर्माण के लिए मिली स्वीकृति

भुली जलाशय का निर्माण को लेकर पिछले दिनों आए प्रमुख अभियंता एस. डाबर ने बांध निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

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भूली में बांध निर्माण के लिए मिली स्वीकृति

भूली में बांध निर्माण के लिए मिली स्वीकृति

पांढुर्ना. क्षेत्र की पेयजल समस्या के निदान और सिंचाई कॉम्प्लैक्स के लिए बनाएं जा रहे भुली जलाशय का निर्माण को लेकर पिछले दिनों आए प्रमुख अभियंता एस. डाबर ने बांध निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस अनुमति के मिलने के बाद हैदराबाद की मेंटेना निर्माण एजेंसी ने पिछले दिनों भुली और भुयारी के बीच स्थित संगम स्थल पर बांध निर्माण के लिए पूजापाठ पाठ कर इसके तकनिकी कार्य का आरंभ कर दिया है। इससे भुली समेत आसपास के प्रभावित ग्रामों में हलचल पैदा हो गई है। क्षेत्र के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी सौगात साबित होने जा रही है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा क्षेत्र की पेयजल समस्या के निदान और सिंचाई का रकबा बढ़ाकर किसानों और व्यापार जगत को लाभ देने के उद्देश्य से भुली जलाशय को बनाने में रूचि दिखाई है। मेटेंना कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी प्रदीप शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया है कि शासन से लगभग स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। औपचारिक कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बांधस्थल पर तकनिकी कार्य प्रारंभ हो चुका है। बताया जा रहा है कि जल्द ही मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ निर्माण कार्य का भूमिपूजन करने के लिए पांढुर्ना दौरा करेंगे। इसी के साथ प्रशासन ने भी भू-अर्जन के प्रकरण तैयार करना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि 4 फरवरी को जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता एस. डाबर के साथ मुख्य अभियंता बोधी, एस. सोनी के साथ जिले के प्रमुख अधिकारी और इंजिनियरों की टीम ने भुली जलाशय के संगम स्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद 20 फरवरी को निर्माण एजेंसी द्वारा पूजा पाठ कर कार्य प्रारंभ किया है। इस जलाशय के निर्माण में भुली सहित खडक़ी, भुयारी और लहरा गांव को विस्थापित किया जाना है। लंबी प्रक्रिया के बाद जलाशय का निर्माण कार्य पूजा हो सकेगा।
भुली में जलाशय का निर्माण को हरी झंडी मिलने के बाद आदिवासी अंचल के ग्राम बुचनखापा में सर्पा नदी पर सर्वे कार्य शुरू किया गया है। यह क्षेत्र का बड़ा बांध होगा। इसके निर्माण के लिए बुचनखापा ग्राम को विस्थपित करना पड़ सकता है। इससे अंबाड़ा , नांदनवाड़ी क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान होगा। गौरतलब है कि भुली जलाशय के साथ ही कामठीकलां में जलाशय निर्माण भी प्रस्तावित था लेकिन जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा इसे निरस्त कर दिया गया था।

पूरे जिले में इस सिंचाई कॉम्प्लैकस के अंतर्गत 10 जलाशय निर्माण होना है। पांढुर्ना के भुली में बांध निर्माण
को प्रमुख अभियंता द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अभी निर्माण के लिए मिट्टी परीक्षण जैसे कार्य शुरू है। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भूमिपूजन कार्य होगा।
अरुणेन्द्र शर्मा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग
मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ ने जिले में सिंचाई और पेयजल को लेकर योजनाएं बनाकर लाभ दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है। पांढुर्ना को पूरा लाभ प्रदान किया जा रहा है।
निलेश उइके विधायक पांढुर्ना