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सरकारी खर्च में पढ़ाई कर सकेगी आशा व सहयोगी कार्यकर्ता, जानें वजह

- अच्छे अंक लाने पर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग और निशुल्क मिलेगी उपचार सुविधाएं, मातृत्व अवकाश का भी मिलेगा लाभ

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Asha worker

Asha worker (Symbolic photo)

छिंदवाड़ा/ आशा एवं सहयोगी कार्यकर्ताओं को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिए जाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2020-21 के लिए योजना बनाई हैं। कार्यस्थल पर होने वाली हिंसा के निराकरण के लिए कमेटी गठित की जाएगी। बताया जाता है कि जिले में 2240 आशा तथा 170 सहयोगी कार्यकर्ता कार्यरत हैं।

योजना के अनुसार आठवीं पास आशा-सहयोगी जो आठवीं पास है तथा आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती है उन्हें फीस एवं किताबों के लिए प्रोत्साहन स्वरुप सहयोग प्रदान किया जाएगा। आठवीं के बाद पढऩे पर 2000, दसवीं के बाद पढऩे पर 5000, बारहवीं के बाद स्नातक या डिप्लोमा कोर्स करने पर दस हजार प्रोत्साहन राशि वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी। इसके लिए दस्तावेज समेत आवेदन करना होगा तथा जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन पर लाभ दिया जाएगा।

इतना ही नहीं कक्षा दसवीं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर बच्चों को आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्मार्ट क्लासेस, कोचिंग क्लासेस, किताब, कॉपी आदि खरीदने में भी सहयोग किया जाएगा। राशि दसवीं उत्तीर्ण करने वाले तथा 11वीं एवं 12वीं की पढ़ाई कर रहे बच्चों को 5000 तथा स्नातक की पढ़ाई करने पर 8000 तक की मदद प्रतिवर्ष दी जाएगी। इसके लिए भी अंक सूची समेत समस्त दस्तावेज आवेदन करना होगा। हालांकि इसके लिए आवेदक की दो जीवित संतान होना आवश्यक है तथा बच्चों को शासन के अन्य किसी विभाग से आर्थिक सहायता या छात्रवृत्ति नहीं दी जा रही हैं।


परिवार समेत निशुल्क उपचार की सुविधा -


प्रदेश में सरकारी अस्पतालों से प्रदान की जाने वाली समस्त स्वास्थ्य सेवाएं आशा-सहयोगी समेत पति और बच्चों को निशुल्क प्रदान की जाएगी। इतना ही नहीं दुर्घटनाग्रस्त होने या कोई गंभीर बीमारी से पीडि़त होने की स्थिति में ईलाज के लिए भर्ती होने पर प्रति दिवस के मान से 281.73 रुपए प्रदान किए जाएंगे। साथ ही अस्थायी विकलांगता होने और कार्य करने में असमर्थ होने पर प्रतिमाह रूटिन इंसेटिव 2000 रुपए प्रदान किया जाएगा।


मातृत्व अवकाश मिलेगा छह माह -


ऐसी आशा-सहयोगी जो गर्भवती है, उन्हें छह माह का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। इस दौरान वे अपने गांव में रहकर अपने रुटीन कार्य करेंगी तथा छह माह तक रुटीन इंसेंटिव 2000 दिया जाएगा। स्वावलम्बर पेंशन योजना के तहत 55 वर्ष से कम आयु की आशा-सहयोगी को स्वावलम्बन पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। मासिक बचत एवं शासन के अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु होने पर जमा राशि एकमुश्त या मासिक पेंशन के रूप में दी जाएगी। इतना ही नहीं 60 वर्ष पूर्ण होने और स्वावलम्बन योजना की पात्रता नहीं होने पर एक मुश्त बीस हजार रुपए वृद्धावस्था सहायता प्रदान की जाएगी।