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Big news: ऑनलाइन पेमेंट में सब चलता है, ऑफलाइन में सिक्के से इंकार

चलन में होने के बावजूद भी लोग कर रहे मना, हो रही मुश्किल

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छिंदवाड़ा. बाजार में इन दिनों नया ट्रेड चल गया है। ऑनलाइन माध्यम से अगर आपने किसी को एक या फिर दो रुपए पेमेंट किए तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर आपने कैश में दिया तो व्यापारी लेने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में मोबाइल न चलाने वालों को परेशानी हो रही है। बाजार में सिक्के लेने से इंकार करने पर लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि व्यापारी सीधे-सीधे सिक्के लेने से मना कर रहे हैं। जब हम ऐतराज जताते हैं तो व्यापारी कहते हैं कि बड़े व्यापारी सिक्के नहीं ले रहे हैं। व्यापारियों के सिक्के लेने से इंकार करने पर इसका असर बाजार में दिखने लगता है। जबकि भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) ने किसी भी सिक्के को बंद नहीं किया है। 1 रुपए, 2 रुपए, पांच रुपए, दस रुपए सहित अन्य सिक्के बाजार में चलन में है। अगर कोई इन सिक्को को लेने से इंकार कर रहा है तो उस पर राजद्रोह का मामला दर्ज कराया जा सकता है।

कार्रवाई न होने से नहीं है डर
नरसिंहपुर नाका निवासी एक महिला ने बताया कि वह दो दिन पहले एक पेट्रेाल पम्प पर पेट्रोल भराने गई थी। उन्होंने 108 रुपए का पेट्रोल भरवाया। उन्होंने कर्मचारी को 110 रुपए दिए, लेकिन वापस में उन्हें दो रुपए नहीं दिए गए। जब उन्होंने पूछा की ऐसा क्यों तो कर्मचारी ने बताया कि आप ऑनलाइन भले ही कर दीजिए, लेकिन हम सिक्के नहीं दे सकते और न ले सकते हैं। वहीं बाजार में अधिकतर व्यापारियों द्वारा सिक्के न लिए जाने से बाजार में ऊहापोह की स्थिति बन गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऐसे व्यापारियों पर प्रशासन को कार्यवाही करनी चाहिए। कार्रवाई न होने की वजह से व्यापारियों में डर खत्म हो गया है।

सिक्का नहीं लेना राजद्रोह का मामला
कोई दुकानदार या व्यक्ति आरबीआई द्वारा जारी सिक्का नहीं लेता है, या लेने से इंकार करता है, तो उस पर राजद्रोह का मामला दर्ज कराया जा सकता हैं। भारत में वैध मुद्रा लेने से इनकार करने वालो पर आईपीसी की धारा 124(1) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। मुद्रा या नोट लेने का वचन भारत सरकार की तरफ से दिया जाता है।

सिक्कों के लिए प्लास्टिक के पाउच की व्यवस्था
आरबीआई द्वारा समय-समय पर बैंकों को अधिसूचना जारी की जाती है। जिसके अनुसार बैंकों ने सभी तरह के सिक्कों को जमा करने के काम को प्राथमिकता से करने के लिए कहा है। आरबीआई ने यह भी कहा है कि 100-100 सिक्कों को अगर पॉलिथीन के पाउच में भरकर जमा किया जाए तो ग्राहक के साथ कैशियर के लिए भी सहूलियत होगी। इसके साथ ही यह भी कहा है कि बैंक ग्राहकों को प्लास्टिक के पाउच भी दें, ताकि वे इसमें सिक्के जमा कर सकें। आरबीआई के तरफ से स्पष्ट निर्देश है कि बैंक शाखाओं में अगर सिक्कों को स्टोर करने की समस्या है तो मौजूदा नियमों को तहत शाखाएं उन सिक्कों को करेंसी चेस्ट में भेज सकते हैं और करेंसी चेस्ट उन सिक्कों को दोबारा सर्कुलेशन में इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर मांग में कमी की वजह से करेंसी चेस्ट में क्षमता से ज्यादा सिक्के जमा हो जाते हैं तो उनके निपटारे के लिए संबधित सर्किल के इंश्यू विभाग को संपर्क किया जा सकता है। अगर बैंक द्वारा सिक्के जमा करने में लापरवाही बरती जाती है तो इसे रिजर्व बैंक के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और बैंक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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