
cancer
छिंदवाड़ा. कैंसर रोग से बचाव के लिए पूरी दुनिया में शोध कार्य चल रहे हैं। इसी क्षेत्र में छिंदवाड़ा नगर में जन्मे, पढ़े और वर्तमान में अमेरिका में बोस्टन शहर के हावर्ड स्कूल से सम्बंधित संस्था में शोध वैज्ञानिक के रूप में काम कर रहे डॉ. अमित गांधी ने बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका के बोस्टन में पांच साल की मेहनत और प्रयोगों के बाद डॉ. अमित ने यह साबित किया है कि मनुष्य के शरीर में टिम-3 प्रोटीन की परमाणु संरचना में को-फेक्टर के रूप में केल्सियम की भी भूमिका होती है। अभी तक कई शोधों के बाद भी यह पता नहीं लग पाया था।
डॉ. अमित के नेतृत्व में टीम की यह खोज दुुनियाभर में कैंसर रोग, उसके इलाज के इलाज और उसका प्रतिरोध करने के लिए बनने वाली औषधियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगी। पिछले महीने ही उनका यह रिसर्च पेपर अमेरिका की महत्वपूर्ण सांइटिफि क रिपोटर्स नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। रिपोर्ट में उनका पूरा शोध और निष्कर्ष प्रकाशित किया गया है। डॉ. अमित की यह शोध एचटीआइ एम.-3 प्रोटीन संरचना को समझने और लक्षित करने के लिए एक नई अंतरदृष्टि प्रदान करता है।
साइंटिफिक रिपोर्ट में इस शोध में डॉ. अमित गांधी विश्व के प्रथम शोधकर्ता हैं। गौरतलब है कि डॉ. अमित गांधी ने अमेरिका से ही वर्जीनिया कॉमनवेेल्थ यूनिवर्सिटी से डायबिटीज डिसीज में प्रतिरोधक औषधी की ड्रग डिजाइन एवं मोलिक्युलर माडलिंग विषय में पीएचडी डिग्री हासिल की।
वर्ष 2009 में वर्जीनिया कॉमनवेेल्थ यूनिवर्सिटी ने उन्हेें पीएचडी की डिग्री प्रदान की। उसके बाद शोध वैज्ञानिक के रूप में अमेरिकी सरकार नेे उन्हें अपने संस्थान बोस्टन में नियुक्ति प्रदान की, तब से वे शोध कार्य क्षेत्र में निरंतर लगे हुए हैं। वर्ष 2011 में भी एंडोप्लास्मिक रेटीकुलम अमीनो पेेप्टीडेस विषय पर भी उनका शोध पत्र प्रकाशित हुआ था। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों में उनके शोध पत्र सराहे गए हैं। शहर के इस होनहार और प्रतिभाशाली बेटे की उपलब्धि पर जहां उनके साथ काम करने वाले साथी और संस्थान गौरान्वित हैं तो छिंदवाड़ा में रह रहे उनके माता - पिता, समाजिक बंधु और मित्र भी बेहद खुश हैं।
शुरू से मेधावी रहे हैं अमित
भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृृत्त अधिकारी आनंद गांधी और माहेश्वरी महिला मंडल की पूर्व जिला अध्यक्ष आशा गांधी के बड़े पुत्र डॉ. अमित प्रारंभ से ही मेधावी रहेे हैं। नगर के संत जोसफ प्रायमरी स्कूल से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद माध्यमिक शिक्षा नगर के शासकीय उमा विद्यालय से प्राप्त की। कक्षा 12वीं में वे जिले में प्रथम स्थान पर रहे हैं। तत्पश्चात उन्होंने इन्दौर के गोविंदराम सेकसरिया महाविद्यालय से बीफार्मा और एमफ फार्म की शिक्षा प्राप्त की थी। एमफार्मा में राजीव गांधी विश्वविद्यालय द्वारा पूरे प्रदेश में प्रथम आने पर उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था।
Published on:
09 Dec 2018 12:03 pm
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