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आयुर्वेद की इस पद्धति से कैंसर इलाज संभव, जानें पूरी विधि

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर विशेष: दृढ़ इच्छा श्क्ति और धैर्य से दे सकते हैं कैंसर को मात

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Cancer treatment is possible through this method of Ayurveda

Such air is also the cause of cancer, meditation for protection

छिंदवाड़ा . तम्बाकू तथा इससे निर्मित उत्पादों का उपयोग कैंसर जैसी बीमारियों को जन्म देता है। लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद ज्यादातर मामलों में यह जानलेवा साबित होती है। कैंसर रोग के निदान के लिए एलोपैथी के अलावा आयुर्वेदिक पद्धति से भी उपचार सम्भव है, लेकिन इसके लिए पीडि़त को दृढ़ संकल्पित और धैर्यवान होना चाहिए। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र मेरावी ने बताया कि तम्बाकू के नियमित प्रयोग से शरीर में निकोटिन, टार एवं अन्य विषैले पदार्थों का जमाव हो जाता है।

आयुर्वेद से भी मिल सकती है कैंसर से निजात

योग-ध्यान, प्राणायाम तथा आयुर्वेद की हरीतकी, विभीतकी, आमनकी, अश्वगंधा, शतावटी आदि औषधि कैंसर को खत्म करने में उपयोगी हैं। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र मेरावी ने बताया कि अत्याधिक धूम्रपान की वजह से एक व्यक्ति के शरीर का सूज गया तो दूसरे को मुंह को कैंसर हो गया। समझाइश और आयुर्वेदिक उपचार के बाद उनमें तेजी से बदलाव आया।


जिले में बढ़ रहे कैंसर के मरीज


राष्ट्रीय असंचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत के वर्ष 2017-18 में जिले में 117 कैंसर पीडि़त दर्ज किए गए हैं। इनमें से 14 तो अप्रैल 2018 में ही सामने आए हैं। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि कैंसर रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डॉ. दीपेंद्र सलामे ने बताया कि पीडि़तों में 90 फीसदी मुंह के कैंसर से पीडि़त हैं।


च्यूइंग-गम दवा प्रस्तावित


तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि धूम्रपान तथा तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वाले रोगियों को इसकी लत छुड़ाने के लिए च्यूइंग-गम दवा की योजना राज्य शासन के प्रस्तावित है। इस संदर्भ में हाल ही में भोपाल में नोडल अधिकारियों की बैठक भी हुई थी जिसमें सभी ने सहमति दर्शाई।

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर विशेष: दृढ़ इच्छा श्क्ति और धैर्य से दे सकते हैं कैंसर को मात

राष्ट्रीय असंचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत के वर्ष 2017-18 में जिले में 117 कैंसर पीडि़त दर्ज किए गए हैं। इनमें से 14 तो अप्रैल 2018 में ही सामने आए हैं।