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अमर बेल की तरह फैल रही गाजर घास

रिहायशी इलाकों में तेजी से पनप रही गाजर घास नगर वासियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। स्कूलों के आसपास तामिया रोड ,पंचशील कॉलोनी सहित चारों और गाजर घास फ ल फूल रही है।कृषि विस्तार अधिकारी डीके मौर्य ने बताया कि यह खतरनाक खरपतवार है ।

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Carrot grass spreading like immortal vine

छिन्दवाड़ा/ जुन्नारदेव. नगर पालिका क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में तेजी से पनप रही गाजर घास नगर वासियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।जनता ने नगरपालिका से इसके उन्मूलन की मांग की है। नगर के स्कूलों के आसपास तामिया रोड ,पंचशील कॉलोनी सहित चारों और गाजर घास फ ल फूल रही है।कृषि विस्तार अधिकारी डीके मौर्य ने बताया कि यह खतरनाक खरपतवार है । क्षेत्रीय भाषा में इसे चटक चांदनी, सफेद टोपी,कड़वी घास नाम से जाना जाता है। यह ऐसा खरपतवार है जो मनुष्यों,पशुओं, वनों और वन्य प्राणियों को नुकसान पहुंचाता है। इसके एक फू ल से असंख्य परागकण बनते हैं । इससे दमा, एलर्जी व त्वचा रोग हो जाते हैं। इसकी वजह से फसलों के उत्पादन में कमी आई है। एक पौधे से लगभग 25 हजार बीज बनते है जो तुरंत अंकुरण की क्षमता रखते है। एक वर्ष में चार पीढिय़ां होती हैं । यह अन्य पौधों को उगने नहीं देता। गाजर घास को समूल उखाडक़र उन्मूलन किया जा सकता है। फूल आने के पहले यह कार्य होना चाहिए ताकि इसका फैलाव नहीं हो । उखाड़ते समय दस्ताने मुंह व कानों पर कपड़ा बांधना चाहिए।