
Central government policies against workers- Reddy
छिन्दवाड़ा/परासिया. केंद्र सरकार की कोयला उद्योग एवं मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ (बीएमएस) 17 नवंबर को संसद भवन के सामने प्रदर्शन करेगा। यह जानकारी कोल प्रभारी के लक्ष्मा रेडडी ने परासिया प्रवास के दौरान दी। विश्वकर्मा भवन में कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि केंद्र सरकार के विनिवेश, निजीकरण, आउट सोर्सिंग को बढ़ावा देने, श्रमिक बिल के विवादस्पद होने संबंधी अन्य मुद्दों पर सरकार की नीतियों के खिलाफ संघ संसद भवन के समक्ष प्रदर्शन कर विरोध व्यक्त करेगा। पूरे देश से कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रबंधन की घाटा बताकर भूमिगत कोयला खदानों को बंद करने की नीति उचित नही है। ओपनकास्ट खदानों से अधिक उत्पादन होता है ,लेकिन भूमिगत खदानें उद्योग, कर्मचारियों एवं राष्ट्रहित के लिए जरूरी हैं। नए लेबर कोड बिल में दो बिलों पर संघ ने आपत्ति व्यक्त करते हुए संशोधन का सुझाव दिया। ठेका मजदूरों की चर्चा करते हुए रेडडी ने बताया कि हाई पावर कमेटी की अनुशंसाओं का क्रियान्वयन मैदानी स्तर पर नहीं होता है। बोनस का मामला तय होने के बाद भी कई स्थानों पर ठेका मजदूरों को बोनस भुगतान नही ंहोने की सूचना मिल रही है। सामाजिक सुरक्षा, मेडिकल सुविधा, भविष्य निधि कटौती जैसे कई विषयों पर तयशुदा मामलों में भी प्रबंधन इसे लागू नहीं कर रहा है। भविष्य निधि में घोटाला -कोयला खान भविष्य निधि सीएमपीएफ में लगभग 520 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है जिसकी जांचकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग बीएमएस ने की है। बैठक को प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, प्रदेश महामंत्री मधुकर साबले, आशीष मूर्ति सदस्य सीएमपीएफ ट्रस्ट, नारायण राव सराटकर अध्यक्ष पेंच कन्हान ने संबोधित किया।
Published on:
27 Oct 2022 07:20 pm
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