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Chhindwara news: विश्वविद्यालय के पास करोड़ों रुपए का फंड, चाहे तो खुद के पैसे से बना सकता है भवन

चार साल बाद भी नहीं बन पाया विश्वविद्यालय भवन, शासन भी कर रही उपेक्षा

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First year cutt off list release in colleges

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छिंदवाड़ा. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा चुनावी मौसम में लगातार घोषणाएं एवं सौगात दी जा रही है। हालांकि बीते दिनों छिंदवाड़ा आगमन के बाद भी विश्वविद्यालय भवन के बजट को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। ऐसे में विद्यार्थी मायूस हुए। शासन द्वारा दिलचस्पी न लेने से अब आगामी समय में भी बजट मिलने की आस लगभग समाप्त हो गई है। हाालंकि राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय चाहे तो कम से कम प्रशासनिक भवन का निर्माण हो सकता है। विश्वविद्यालय ने चार साल में कॉलेज से संबद्धता शुल्क, विद्यार्थियों से फीस सहित अन्य मद में काफी पैसे लिए हैं। बताया जाता है कि वर्तमान में विश्वविद्यालय के पास 90 करोड़ रुपए से अधिक का फंड है। जानकारों का कहना है कि विश्वविद्यालय शासन को प्रस्ताव भेज सकती है। कम से कम प्रशासनिक भवन का निर्माण करा सकती है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2019 में राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय खोला गया था। इस विश्वविद्यालय से सिवनी, बालाघाट, बैतूल एवं छिंदवाड़ा जिले के 131 कॉलेज संबद्ध किए गए थे। जिसमें लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थी अध्ययनरत थे। हालांकि बीते वर्ष बैतूल जिले के कॉलेज इस विश्वविद्यालय से अलग हो गए थे।

यह हो रहा नुकसान
राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय का भवन न बनने से टीचिंग डिपार्टमेंट नहीं खुल पाया है। ऐसे में विश्वविद्यालय की गति मंद पड़ गई है। यूटीडी(विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग) न होने से संबद्ध कॉलेजों में भी कई पाठ्यक्रम नहीं खुल पा रहे हैं। विश्वविद्यालय केवल परीक्षा एवं परिणाम देने तक सीमित रह गया है। भवन बन जाने से उच्च शिक्षा को पंख लग जाते। छिंदवाड़ा ही नहीं बल्कि आसपास के जिले के विद्यार्थी भी लाभान्वित होते।


सारना में आवंटित जमीन पर अतिक्रमण का भी डर
प्रशासन ने विश्वविद्यालय के भवन के लिए ग्राम सारना में लगभग 125 एकड़ भूमि का आवंटन एवं 486.45 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। इस भवन की डिजाइन सहित अन्य कार्य भी हो चुके थे एवं भवन निर्माण के लिए टेंडर भी हो चुका था। विश्वविद्यालय के लिए 325 पदों की स्वीकृति भी शासन द्वारा दी जा चुकी थी। लेकिन सभी मामले ठंडे बस्ते में हैं। टेंडर भी निरस्त हो चुका है। अब जिस जगह विश्वविद्यालय की जमीन है वहां अतिक्रमण का भी डर है।


इनका कहना है...
विश्वविद्यालय भवन के निर्माण के लिए कुलपति ने शासन को पत्र लिखा है। विश्वविद्यालय के पास अन्य खर्चे भी हैं। जिनमें फंड से ही उपयोग होता है। हाालांकि शासन निर्देशित करेगी तो कुछ बजट विश्वविद्यालय भी दे सकती है।
मेघराज निनामा, कुलसचिव, आरएसएस विवि