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कोई बच्चा किराना तो कोई कपड़े की दुकान में काम करता मिला

शहर की दुकानों और होटलों पर काम कर रहे बाल मजदूरों को मजदुरी से मुक्त कराने और उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए जिले की बाल कल्याण समिति ने शुक्रवार को तार बाजार की दुकानों में पहुंचे यहां उन्हें एक न एक बाल मजदूर काम करता मिला।

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Child wages

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पांढुर्ना. शहर की दुकानों और होटलों पर काम कर रहे बाल मजदूरों को मजदुरी से मुक्त कराने और उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए जिले की बाल कल्याण समिति ने शुक्रवार को तार बाजार की दुकानों में पहुंचे यहां उन्हें एक न एक बाल मजदूर काम करता मिला।
जिले से पहुंचे चाइल्ड लाईन की सदस्य रीता चौरसिया, राजेश सरेयाम, प्रधान आरक्षक सुरेश धुर्वे, आरक्षक शकीला खान, बाल मजदुर केन्द्र से अनिल ठाकुर, लेबर इंस्पेक्टर वंदना उईके इस दल में शामिल थे। दल ने पुलिस थाने की दो दुकानों से संत रविदास वार्ड निवासी दिनेश डोंगरे 17 वर्ष, संदीप उईके 11 वर्ष, षांति निकेतन से राजेश पिता कैलाश ढोमने 15 वर्ष, पंढरी वार्ड की किराना दुकान से श्रावण निकाजु १६ वर्ष, महावीर वार्ड से 15 साल के सतीष नासरे, तंबाकु दुकान से पवन बागडे, बस स्टैंड की हाटेल से लकी विजय धुर्वे, गायत्री कॉलोनी में धुमते हुए सूरज डोंगरे , हार्डवेयर की दुकान में काम करते हुए नीलेश तडाम, मेडीकल स्टोर्स में काम करते हुए 16 साल के संस्कार गुलाब सिंह, कपड़े की दुकान में काम करते हुए पवन भास्कवरे मुक्त कराया गया है।
बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने बताया कि इन बच्चों को बाल मजदूर से मुक्त कर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। इन बच्चों के उज्वल भविश्य के लिए बाल कल्याण समिति फैसला लेगी। इन्हें बाल सुधार गृह भेजा जाएगा या फिर इनका स्कुल में दाखिला कराया जाएगा। दुकानदारों पर कार्यवाही को लेकर भी समिति ही अंतिम फैसला लेगी।