छिंदवाड़ा. जिले में संचालित चिटफंड कंपनियों के मामले एक के बाद एक निकलकर सामने आ रहे हैं। परासिया रोड स्थित रोजवैली चिटफंड कंपनी ने जिलेभर से पंद्रह करोड़ रुपए जुटाए।
बिना अनुमति बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाली इस कंपनी के चेयरमैन गौतम कुंडू को हिरासत में लेकर सभी बैंक खाते सीज कर लिए गए। रुपए होने के बाद भी निवेशकों को जांच पड़ताल का हवाला देकर राशि नहीं लौटाई जा रही है।
गुरुवार बड़ी संख्या में चिटफंड कंपनी रोजवैली में निवेश करने वाले लोग कोतवाली थाना पहुंचे। मूल दस्तावेज लेकर निवेशक पहुंचे। पुलिस ने दस्तावेज जमा करने के साथ ही पूरी जानकारी लेकर कंपनी के चेयरमैन के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया है।
प्राथमिक पूछताछ में निवेशकों ने पुलिस को बताया कि जिले से कंपनी ने पंद्रह करोड़ रुपए हॉलीडे प्लान मेम्बरशिप और जमा राशि का साढ़े पांच साल में दोगुना देने का वादा किया था। कुछ निवेशकों को रुपए मिले भी, लेकिन इसी बीच सेबी की कार्रवाई हुई जिसके बाद सभी खाते सीज कर दिए गए, जिसके बाद से निवेशकों को रुपए नहीं मिले हैं।
निवेशक राजकुमार डेहरिया, राजेश साहू, राकेश कुशवाह, मनोज साहू, अब्बास सिद्दकीय, सुरैया सिद्दकीय, रेवती चांदपुरिया, दीपक गोहिया और रघु नागवंशी का आरोप है कि सेबी और ईडी ने 17 अगस्त 2015 को कंपनी के सभी खाते सीज कर दिए। कंपनी के चेयरमैन को हिरासत में ले लिया। सरकार के पास जमा राशि का पूरा हिसाब है और रुपए भी मौजूद है, लेकिन जांच के नाम पर निवेशकों को रुपए नहीं लौटाए जा रहे हैं।
मामला दर्ज
निवेशकों की शिकायत पर रोजवैली कम्पनी पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
-ब्रजेश मिश्रा, प्रभारी टीआई, कोतवाली