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College: चार कमरों में संचालित हो रहा था लॉ कॉलेज, अतिरिक्त संचालक से मांगी यह अनुमति

अतिरिक्त संचालक को शिफ्टिंग के लिए पत्र भी लिख दिया गया है।

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College: चार कमरों में संचालित हो रहा था लॉ कॉलेज, अतिरिक्त संचालक से मांगी यह अनुमति

College: सात साल पहले कॉलेज को इस वजह से मिला था कम ग्रेड, अब तक नहीं दूर कर पाए कमी,College: सात साल पहले कॉलेज को इस वजह से मिला था कम ग्रेड, अब तक नहीं दूर कर पाए कमी,College: चार कमरों में संचालित हो रहा था लॉ कॉलेज, अतिरिक्त संचालक से मांगी यह अनुमति

छिंदवाड़ा. शासकीय लॉ कॉलेज जल्द ही काराबोह डैम के पास बने अपने नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा। इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। पीजी कॉलेज द्वारा उच्च शिक्षा विभाग जबलपुर संभाग की अतिरिक्त संचालक को शिफ्टिंग के लिए पत्र भी लिख दिया गया है। अतिरिक्त संचालक के अनुमति मिलने के बाद शिफ्टिंग का कार्य शुरु हो जाएगा। गौरतलब है कि लगभग 12 वर्ष से पीजी कॉलेज के चार कमरों में शासकीय लॉ कॉलेज संचालित है। प्रारंभ में पीजी कॉलेज में लॉ संकाय के रूप में था। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग एवं बीसीआई के नियमों के अनुसार लगभग चार वर्ष पूर्व पीजी कॉलेज में लॉ महज एक संकाय बनकर नहीं बल्कि कॉलेज के रूप में तब्दील हो गया। इस संबंध में बार कौंसिल ऑफ इंडिया(बीसीआई)ने नया नियम लागू किया था। जिसके अनुसार लॉ संकाय के रूप में नहीं बल्कि सेप्रेट महाविद्यालय के रूप में संचालित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए फैकल्टी एवं पद भी स्वीकृत किए गए। इसके बाद शासकीय लॉ कॉलेज के लिए खजरी रोड पर आरटीओ कार्यालय से लगभग दो किमी आगे काराबोह डैम के पास भवन चिन्हित की गई और पीआईयू के माध्यम से कार्य शुरु किया गया। साढ़े छह करोड़ की लागत से दो वर्ष पहले भवन भी बनकर तैयार हो गया, लेकिन शासकीय लॉ कॉलेज वहां शिफ्ट नहीं किया गया। इसके पीछे भवन के चारों तरफ बाउंड्रीवॉल न होना एवं अन्य कारण था।

संयुक्त रूप से किया था निरीक्षण, 80 लाख की डिमांड
शासकीय लॉ कॉलेज का नया भवन काराबोह डैम के पास बना तो दिया गया है, लेकिन अभी भी यहां बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं हो सका है। इसके अलावा कुछ दूरी तक सडक़ भी नहीं है। बीते दिनों पीजी कॉलेज, लॉ कॉलेज प्राचार्य एवं पीआईयू के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भवन का निरीक्षण भी किया था। इसके बाद बाउंड्रीवॉल एवं सडक़ निर्माण के लिए आकलन तैयार किया गया। पीआईयू ने कुल खर्च 80 लाख रुपए खर्च बताया है। इसकी डिमांड उच्च शिक्षा विभाग से की गई है। हालांकि लॉ कॉलेज के नए भवन में शिफ्ट न होने की वजह से भवन में लगे दरवाजे एवं अन्य सामान चोरी होने का भी डर सताने लगा है। ऐसे में प्राचार्यों ने यह निर्णय लिया कि जल्द से जल्द लॉ कॉलेज नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाए।


बालाघाट ने नहीं माना नियम
बालाघाट जिले के शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी पीजी कॉलेज एवं श्री शंकरलाल पटेल शासकीय कॉलेज, वारासिवनी में वर्षो से लॉ फैकल्टी के रूप में संचालित हो रही है। इस पर न ही कभी बीसीआई ने और न ही उच्च शिक्षा विभाग ने सवाल उठाए। जबकि बीसीआई के नियम के अनुसार दोनों ही जगहों पर लॉ फैकल्टी के रूप में नहीं बल्कि कॉलेज के रूप में अपने अलग भवन संचालित होने चाहिए।


इनका कहना है...
लॉ कॉलेज प्राचार्य नए भवन में शिफ्ट होने को तैयार हो गए हैं। हमलोगों ने बीते दिनों पीआईयू के अधिकारियों के साथ लॉ कॉलेज के नए भवन का निरीक्षण भी किया था। शासन के निर्देशानुसार लॉ कॉलेज को फर्नीचर, चतुर्थ श्रेणी स्टाफ भी दिया जा रहा है। अतिरिक्त संचालक से अनुमति मिलते ही शिफ्टिंग होगी।

डॉ. अमिताभ पांडे, प्राचार्य, पीजी कॉलेज