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Corruption: जब्त यूरिया की जांच-पड़ताल, फंस सकते हैं खाद व्यवसायी

Corruption: यूरिया की किल्लत में रायसेन से बुलाने का मामला: तीन ट्रकों के अमरवाड़ा-तामिया आने के संकेत

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Agriculture: there will not be shortage of urea and DAP

Agriculture: there will not be shortage of urea and DAP

छिंदवाड़ा/ रायसेन जिले की बरेली सोसाइटी से चोरी छिपे छिंदवाड़ा आ रहा यूरिया के पिपरिया में जब्त होने के मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है। इस जांच की दिशा सही चली तो छिंदवाड़ा के खाद कारोबारी फंस सकते हैं। इस कालाबाजारी में अमरवाड़ा-तामिया क्षेत्र के व्यवसायियों का हाथ होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है।
एक दिन पहले पिपरिया एसडीएम एमएस रघुवंशी ने पिपरिया में तीन यूरिया भरे ट्रक पकड़े थे और इसकी एफ आइआर कराते हुए जांच पुलिस को सौंपी थी। प्रारम्भिक पूछताछ में यहीं सामने आया था कि अमरवाड़ा और तामिया में इस यूरिया की बुकिंग थी। इनमें ट्रक ड्राइवर और कंडक्टर ने किसानों और व्यवसायियों के नाम पर बिल भी बताए थे। पुलिस ने इन बिलों के आधार पर पूछताछ को आगे बढ़ाया तो कुछ व्यवसायियों के चेहरों से नकाब हटाया जा सकता है। पिपरिया एसडीएम रघुवंशी ने पत्रिका से बातचीत में स्वीकार किया कि रायसेन जिले के बरेली से आ रहे यूरिया का अमरवाड़ा-तामिया से कहीं न कहीं कनेक्शन है।
इसका पर्दा पुलिस की जांच में उठ सकता है।

छिंदवाड़ा में भी परमिट का खेल
छिंदवाड़ा जिले की सोसाइटी में भी किसानों के परमिट के नाम पर यूरिया दूसरे दबंग और किसान नेताओं को देने का खेल लम्बे समय से चल रहा है। कृषि और सहकारिता से जुड़े कर्मचारी भी दबी जुबान से स्वीकार करते हैं कि नेतागिरी के दम पर यह इंतजाम करना पड़ता है। यदि सोसाइटी के रिकॉर्ड की जांच करा ली जाए तो कई दबंग और नेताओं के चेहरे उजागर हो जाएंगे।

किसानों को बंटवाया तिनसई में जब्त यूरिया
हर्रई तहसील के अंतर्गत बटकाखापा के आगे ग्राम तिनसई में जब्त सौ बोरी यूरिया को स्थानीय किसानों के बीच बंटवा दिया गया। अमरवाड़ा एसडीएम रोशन राय के निर्देश पर स्थानीय राजस्व एवं कृषि अधिकारियों ने सरकारी दर 267 रुपए प्रति बोरी की दर पर यूरिया को बेचा। इसके अलावा एसडीएम ने छुई, सेजा और हर्रई समेत अन्य सोसाइटी का निरीक्षण किया और यूरिया वितरण की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सोसाइटी परमिट और नकदी में खाद नियमानुसार वितरित करने को कहा।

रिकॉर्ड में 50 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया
कृषि विभाग का रिकॉर्ड देखा जाए तो इस समय छिंदवाड़ा जिले के किसानों के लिए अलग-अलग कंपनियों से 51 हजार 714 मीट्रिक टन यूरिया आया और 50 हजार 564 मीट्रिक यूरिया सहकारी समितियों और निजी दुकानदारों के पास पहुंचा। किसानों को वितरित कर केवल 1150 मीट्रिक टन यूरिया सोसाइटी में शेष बचा है।