
छिंदवाड़ा. जाली नोट प्रकरण में पुलिस ने अब तक आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनसे सात लाख आठ हजार रुपए के नकली नोट जब्त किए जा चुके हैं। फरार एक अन्य आरोपी की तलाश में टीम जुटी है। शनिवार को सतनूर निवासी गोलू उर्फ सूरज सालवरडे (२८) एवं अमरवाती के ग्राम विसनोरा निवासी मनोहर ठाकरे को न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस की पूछताछ में जाली नोट कहां से आए इसका भी खुलासा हुआ है। कोतवाली थाना में पदस्थ एसआइ प्रीति मिश्रा ने बताया कि जाली नोट प्रकरण के दो आरोपी गोलू उर्फ सूरज सालवरडे और उसके मामा मनोहर ठाकरे को गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से १८ हजार ५ सौ रुपए के जाली नोट जब्त किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि दोनों ने एक लाख रुपए के जाली नोट ४५ हजार रुपए मेंं नवेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बह्मनी रैय्यत निवासी सीताराम चौहान (२८) से खरीदे थे। गिरोह के अन्य सदस्यों के गिरफ्तार होने की सूचना पर उन्होंने शेष नोट जला देना बताया। पुलिस को संदेह है कि आरोपितों ने शेष नोट बाजार में चला दिए होंगे, क्योंकि नोट जला दिए इस बात का कोई प्रमाण पुलिस को भी नहीं मिले हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों के बयान को ही सही मान रही है। पूछताछ में सामने आया है कि युवक ने इंटरनेट पर जाली नोट बनाना सीखा था। कलर प्रिंटर से नोट निकाले जाते थे।
यह है मामला
उल्लेखनीय है कि कोतवाली पुलिस ३० अक्टूबर को चंदनगांव बस स्टैंड के पास वाहन चैकिंग कर रही थी। बाइक सवार बह्मनी रैय्यत निवासी सीताराम साहू और विनोद तुमडाम ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया तो पीछा कर उन्हें पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने संतोष चौहान, अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम लहगडुआ निवासी राजेंद्र प्रसाद पवार, बम्हनी रैय्यत निवासी श्यामलाल पवार एवं धोबीघाट निवासी सरवन कुशराम का नाम लिया, जिनको हिरासत में लिया था। छह आरोपितों के कब्जे से छह लाख ९० हजार रुपए के जाली नोट जब्त किए गए थे।
Published on:
04 Nov 2018 11:42 am
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