
छिंदवाड़ा. एक रेल अधिकारी की आईडी दिखाकर एक युवक ने छिंदवाड़ा में स्थित रेलवे रेस्ट हाउस की बुकिंग करा ली और पूरी रात लुत्फ उठाया। उसके साथ एक अन्य युवक भी था। आरपीएफ ने संदेश के आधार पर जांच की तो पता चला कि युवक ने जिस रेल अधिकारी की आईडी दिखाई है, वह वर्तमान में गुजरात के भावनगर में है। इसके बाद आरपीएफ हरकत में आई और सुबह रेस्ट हाउस पहुंचकर आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह ड्राईफ्रूट का व्यापार करता है और छिंदवाड़ा इसलिए आया था। आईडी कार्ड उसके परिचित का है। मामला उजागर होने पर आरोपी को कुंडीपूरा पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि पुलिस ने आरोपी को देर रात छोड़ दिया। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि आरोपी के पास रेल अधिकारी की आईडी कहा से आई। जानकारी के अनुसार आरोपी सागर निवासी मयंक ने गुरुवार रात आरपीएफ के एक स्थानीय अधिकारी के मोबाइल पर फोन करके कहा कि वह डीएसटी(रेल अधिकारी) बोल रहा है और उसे रेस्ट हाउस में ठहरना है। आरपीएफ के अधिकारी ने कहा कि रेस्ट हाउस का मामला आइओडब्ल्यू देखते हैं। इसके बाद आरोपी ने आईओडब्ल्यू के अधिकारी का मोबाइल नंबर लिया और उन्हें फोन कर रेस्ट हाउस खोलने के लिए कहा। आईडी के आधार पर आरोपी एवं उसके एक साथी के लिए रेस्ट हाउस में ठहरने की इजाजज दे दी गई। शुक्रवार सुबह पूरा मामला उजागर हुआ।
कार्यवाही से बच रही पुलिस
आरोपी के पास से नकद रुपए एवं ड्राईफ्रुट से भरी कार भी मिली थी। कुंडीपूरा पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार देर रात छोड़ दिया। इस मामले में आरोपी पर कार्यवाही करने में पुलिस ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। उनका कहना है कि मामला अभी जांच में है।
उठता है सवाल
रेल अधिकारी के आईडी से रेलवे सेवा का लुत्फ उठाने का मामला उजागर होने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि आरोपी ने केवल रेस्ट हाउस बुक किया है। अगर उसने कोई आपराधिक घटना को अंजाम दे दिया होता तो क्या होता। यह एक बड़ा मामला है। पुलिस को इसकी सख्त जांच करनी चाहिए।
इनका कहना है...
आरोपी की सारी डिटेल ले ली गई है। मामला अभी जांच में लिया गया है। इसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
पूर्वा चौरसिया, थाना प्रभारी, कुंडीपूरा
Published on:
30 Jul 2023 02:43 pm

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