छिंदवाड़ा. कम जमीन में भी अगर तकनीकी और नई विधि से खेती की जाए तो वह लाभ का धंधा बन जाती है। चौरई ब्लॉक के ग्राम कुंडा का 35 वर्षीय किसान परम्परागत खेती को परे रखकर 11 एकड़ में एक ही सीजन में कई फसलें ले रहा है और अच्छी आय हो रही है। अपने क्षेत्र में रवि सिंह चौधरी इकलौते ऐसे किसान हैं, जो शुगर फ्री आलू की खेती करते हैं। पिछले साल 11 एकड़ में उन्होंने हजार क्विंटल आलू की पैदावार ली। इनके खेत से निकला आलू चिप्स बनाने वाली फैक्टरी को जाता है। पिछले साल आलू से ही उन्होंने पांच लाख रुपए कमाए थे। रवि परम्परा से हट कर खेती कर रहे हैं। जिले में खरबूज और तरबूज की खेती बहुत ही कम होती है। पिछले वर्ष रवि ने पांच एकड़ में इनकी खेती की और परम्परागत खेती के अलावा नई मिसाल पेश की। रवि बताते हैं कि टमाटर की खेती में अच्छा लाभ मिल सकता है, लेकिन जिले में इनके रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने खरबूज-तरबूज की फसलों के बीच क्रॉप गार्ड लगा रखा है, जिससे फसलों की कीड़ों से सुरक्षा हो रही है।