
मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा के आदिवासी क्षेत्र हर्रई में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सतर्कता नहीं बरते जाने के चलते क्षेत्र के लोगों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता, ऐसे में यहां के अधिकारियों पर भी लगातार मनमानी का आरोप लगता रहता है। ऐसा ही एक मामला एक बार फिर यहां से सामने आया है। जिसने न केवल यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रश्न खड़ा कर दिया है। बल्कि अधिकारियों के आदेशों की पालना को लेकर यहां मौजूद डॉक्टर कितने सतर्क रहते हैं इस बात का भी खुलासा हुआ है।
दरअसल यहां पदस्थ चिकित्सकों ने लापरवाही का ताजा साबूत समाने आया है। जिसमें एक दुर्घटना में बीते दिन मृतक व्यक्ति के पोस्टमार्टम को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक इतने लापरवाह बने हुए थे कि वे मृतक व्यक्ति का पोस्टमार्टम 24 घंटे बीत जाने के बाद ही कर सके। जबकि इस मामले को लेकर सीएचएमओ ने तक संबंधित विकास खंड चिकित्सा अधिकारी को पोस्टमार्टम के निर्देश दिए थे।
वहीं स्वस्थ्य विभाग की ओर से बरती गई इस लापरवाही की शिकायत कलेक्टर शीतला पटले से की गई, जिसके बाद कलेक्टर की ओर से स्वास्थ्य अमले के प्रमुख को तलब किया गया। वहीं ये बात भी समाने आई कि सीएचएमओ ने संबंधित विकास खंड चिकित्सा अधिकारी को इस शव का पोस्टमार्टम किए जाने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद चिकित्सक पोस्टमार्टम करने नहीं आए और फिर दूसरे दिन मृत व्यक्ति का पोस्टमार्टम किया गया। सीएचएमओ डॉ. गिरीशचंद्र चौरसिया के अनुसार उन्हें भी इस पूरे मामले की शिकायत मिली है, जिस पर बीएमओ हर्रई को नोटिस जारी किया गया है ।
बीएमओ को हटाएं
वहीं इस पूरे मामले में अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक की भी एंट्री हो गई है। अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक राजा कमलेश शाह ने बीएमओ को हटाने के लिए चिट्ठी लिखते हुए कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से विकास खंड चिकित्सा अधिकारी को पद से अलग करने के लिए पत्र लिखा है, विधायक ने यह चिट्ठी लगातार सामने आ रही लापरवाही बरतने की शिकायतों के बाद कलेक्टर को लिखी है।
Published on:
24 Feb 2023 06:33 pm
बड़ी खबरें
View Allछिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
