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CCTV: सीसीटीवी की निगरानी में देना होगा ड्राइविंग टेस्ट

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब पहले जितना आसान नहीं होगा। सीसीटीवी की निगरानी में ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा।

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cctv-and-three-types-of-high-tech-cameras-are-installing-in-noida.jpgDoctors and relatives of patients will be under the surveillance

Doctors and relatives of patients will be under the surveillance

छिंदवाड़ा. ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब पहले जितना आसान नहीं होगा। सीसीटीवी की निगरानी में ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा। प्रत्येक गलतियां स्वत: ही दर्ज हो जाएगी, इससे चालक की क्षमता का पता चलेगा और उसी के आधार पर वाहन चलाने का लाइसेंस जारी किया जाएगा। यह पूरी कवायद बढ़ती सड़क दुर्घटना को कम करने के लिए की जा रही है। वाहन चलाने में कुशल लोगों को ही लाइसेंस मिल पाएगा।

अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय परिसर में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर की स्थापना की जाएगी। ड्राइविंग टेस्ट के लिए एक ट्रैक तैयार किया जाएगा। उसी ट्रैक के अंदर वाहन को चलाना भी होगा। लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों का आधुनिक एवं उन्नत तरीके से टेस्ट लिया जाएगा। ड्राइविंग टेस्ट सीसीटीवी की निगरानी में होगा और इसका पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। टेस्ट के दौरान दिए जाने वाले अंकों के आधार पर तय होगा। आवेदक का लाइसेंस बन पाएगा या नहीं। हालांकि अभी किस टेस्ट पर कितने अंक दिए जाएंगे इसकी गाइड लाइन अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को नहीं मिली है। फिलहाल इस तरह का ड्राइविंग टेस्ट सेंटर इंदौर में ही संचालित होता था, फिलहाल वह तकनीकी कारणों से बंद है। कार्यालय परिसर के अंदर मौजूद जगह का नक्शा परिवहन आयुक्त कार्यालय को भेजा है। वहां से मिलने वाले दिशा निर्देशों के आधार पर कार्य किया जाएगा।

यह भी होगा नया

-बायोमिट्रिक पहचान स्थापित होने पर ही व्यक्ति ड्राइविंग टेस्ट दे सकता है।
-बिना मानव हस्तक्षेप के ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा
-सेन्सर आधारित सीसीटीवी एवं साफ्टवेयर के जरिए पूरे ड्राइविंग टेस्ट की रिकॉर्डिंग और मॉनिटरिंग की जाएगी।
-अलग-अलग बिन्दुओं पर चालक के कौशल को अंकित किया जाएगा एवं उचित मापदंड हासिल करने पर ही ड्राइविंग टेस्ट में पास माना जाएगा।
-ड्राइविंग टेस्ट के लिए अपॉटमेंट ऑनलाइन ही प्राप्त किया जाएगा। आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ही किसी भी समय देखी जा सकेगी।

अभी यह हो रहा
चौपहिया और भारी वाहन चालक को अशोक लिलैंड ड्राइविंग स्कूल या फिर किसी अन्य मान्यता प्राप्त स्कूल से प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है। लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय सम्बंधित स्कूल का सर्टिफिकेट लगाना पड़ रहा। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में सामान्य टेस्ट लिया जा रहा है। बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए यह काफी नहीं है।

प्रक्रिया में है
आगामी समय में लागू होगा में ट्रैक बनाकर आधुनिक तरीके से टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट पास करने पर ही वाहन चालक को ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा यह फिलहाल प्रक्रिया में है।
-निशा चौहान, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, छिंदवाड़ा