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Photo Gallery: ड्रोन की नजर से छिंदवाड़ा की पहचान

छिंदवाड़ा का ड्रोन व्यू

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drone view of chhindwara

छिंदवाड़ा. पिछले दशक की यात्रा देखी जाए तो छिंदवाड़ा एक नगरपालिका तक सीमित था। वर्ष 2014 में बदलाव का शुरुआती चरण नगर निगम के गठन से शुरू हुआ। फिर विकास के सपनों को पंख लग गए।

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मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा जिले को जबसे मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है, तब से जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ी हैं। मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए रुका हुआ बजट मिलने से निर्माण कार्य में तेजी आई है।

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आदर्श रेलवे स्टेशनछिंदवाड़ा शहर से अब तीन दिशाओं में टे्रन दौड़ती है। एक ओर दिल्ली तो दूसरी ओर नागपुर और साथ ही अब तो रीवा तक का सफर भी टे्रन से शुरू हो चुका है।

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माचागोरा डैम चौरई विकासखण्ड के ग्राम माचागोरा में बना बांध चौरई क्षेत्र के साथ-साथ छिंदवाड़ा और सिवनी के किसानों के लिए खुशहाली और समृद्धि की बहुत बड़ी सौगात साबित हुआ है। कई वर्षों से बंजर पड़े खेतों में अब फसलें लहलहा रहीं हैं।

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सिमरिया हनुमान मंदिर मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर (नागपुर रोड) सिमरिया में मुख्य मार्ग पर ही हजारों भक्तों के आस्था का केंद्र श्री हनुमान मंदिर स्थित है। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां हनुमान की मूर्ति की ऊंचाई 101 फीट है। मंदिर की स्थापना 24 फरवरी 2015 में की गई। मंदिर परिसर लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।

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छोटा तालाब शहर के बीचों बीच स्थित छोटा तालाब शहर के सुंदरता को चार चांद लगाता है। कभी यह शहर की जल आपूर्ति का मुख्य स्रोत हुआ करता था। ऐसा कहा जाता है कि इस तालाब का निर्माण चांद क्षेत्र के पत्थरों से हुआ था।

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कुसमेली कृषि उपज मंडी कुसमेली कृषि उपज मंडी के विस्तार के लिए एक पहाड़ी नुमा भूभाग मिला, जिसे मंडी बोर्ड एवं कुसमेली मंडी समिति ने कमाई पूत में बदल डाला। आज स्थिति इतनी बदल चुकी है कि कुसमेली मंडी का नाम प्रदेश भर में ए ग्रेड की मंडियों में गिना जाने लगा।

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कन्हरगांव डैमफिलहाल शहर की जल आपूर्ति का यह मुख्य स्रोत है। वर्षभर में आधे से ज्यादा समय इसी डैम के सहारे शहर के लोगों की प्यास बुझती है। हालांकि गर्मी में माचागोरा डैम की मदद लेनी पड़ती है।