
दो बूंद जिंदगी के अभियान में भी विभाग की नीयत नहीं साफ, सामने आई अनियमितता
छिंदवाड़ा . पल्स पोलिया अभियान में स्वास्थ्य विभाग की अनियमितता देखने को मिली है। यहां बूथों पर कार्य कर रहे वॉलंटियर्स को न तो पर्याप्त भोजन-पानी मिला न ही बैठक व्यवस्था। वहीं विभागीय व अपनों को लाभ दिलाने के लिए उनकी लग्जरी कार और अन्य वाहनों को किराए पर रखा गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास कई गाडि़या हैं जिनमें बड़ी संख्या में अनुबंधित वाहन हैं।
बताया जाता है कि डब्ल्यूएचओ तथा शासन से टीकाकरण अभियान के लिए लाखों रुपए का बजट आता है। इसलिए स्वास्थ्य अधिकारियों में इसके अनुचित दोहन की स्थिति निर्मित होती है। मामले की जानकारी के लिए पत्रिका की टीम ने नगर में लगे विभिन्न पोलियो बूथ की स्थिति का जायजा लिया। जहां पता चला कि बूथ पर केवल एक बैनर लगा दिया गया। यहां न बैठने की व्यवस्था थी न ही पानी की।
सूचना पटल पर छिपाई गई जानकारी
पल्स पोलियो अभियान के लिए जिले में छोटे-बडे़ सभी तरह के २३७८ करियर वाहनों को लगाया गया। छिंदवाड़ा के लिए ३० से ३५ गाडि़यां हैं। इसमें से १० से १५ गाडि़यों की पहचान सूचना पटल की सूची में नहीं दर्शायी गई।
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
बूथों पर वांलेटियरों को पर्याप्त भोजन-पानी और सुविधा नहीं देने का मामला गलत है तथा किराए पर लगे वाहनों की जांच कराई जाएगी। मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
डॉ. जेएस गोगिया, मुख्य चिकिस्थ्यत्सा एवं स्वा अधिकारी
टीकाकरण के र्वधर्म लिए ससमभाव बना आदर्श
पल्स पोलियो अभियान का पहला चरण २८ जनवरी को जिलेभर में शुरू हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएस गोगिया के मार्गदर्शन में सर्वधर्म समभाव का आदर्श प्रस्तुत किया गया। इसके तहत जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में सभी धर्म गुरुओं के हाथों सहित कलेक्टर जेके जैन व डॉ. गोगिया द्वारा बच्चों को दवा पिलाकर अभियान शुरू किया गया। इस दौरान डॉ. सुशील दुबे, जिला टीकाकरण अधिकारी, डॉ. सुधीर शुक्ला, डॉ. शरद बंसोड आदि मौजूद थे।
Published on:
29 Jan 2018 01:30 pm
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