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Education : नन्हे बच्चे पढ़े रहे जैन दर्शन, दी परीक्षा

वीतराग विज्ञान पाठशाला का आयोजन

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Children are studying Jain Darshan, given exam

Children are studying Jain Darshan, given exam

छिंदवाड़ा/ पाप कितने होते हैं ? पाप पांच होते हैं। हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील ओर परिग्रह। कषाय कितनी होती हैं ? कषाय चार होती हैं। क्रोध, मान, माया, लोभ। पाप का बाप कौन है? लोभ पाप का बाप है। आदि सुंदर सुंदर प्रशनों का जबाब दे रहे थे नन्हे मुन्ने जिन शासन सेवक।
मंगलमय अवसर था रविवार को श्री दिगम्बर जैन मुमुक्षु मण्डल एवं अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन द्वारा अहिंसा स्थली गोल गंज में संचालित श्री वीतराग विज्ञान पाठशाला की वर्ष 2019 - 20 की वार्षिक परीक्षा का। बाल बोध 1,2,3 एवं वीतराग विज्ञान भाग 1,2,3 के लगभग 2 सौ विद्यार्थियों ने मौखिक एवं लिखित परीक्षा दी।
फेडरेशन सचिव दीपकराज जैन का कहना है कि जैन समाज के साथ अन्य नन्हे मुन्ने बच्चों में जैन दर्शन के मुख्य सिद्धांतों का बीजारोपण एवं श्रावकाचार,शाकाहार,सदाचार के साथ नैतिक शिक्षा के लिए पूरे वर्ष भर स्वाध्याय भवन में बच्चों की पाठशाला का संचालन किया जाता है।
जो प्रतिदिन रात्रि 7 से 8 बजे तक लगती है। जिसमें गोल गंज, गुलाबरा, छोटी बाजार, बुधवारी, छापाखाना, नई आबादी के बच्चे अध्यन करने आतें हैं। इसी के साथ प्रज्ञा भारती स्कूल में भी सभी विद्यार्थियों को लौकिक शिक्षा के साथ पाठशाला की शिक्षा देकर सदाचार का पाठ पढ़ाया जाता है।
रविवार को स्वाध्याय भवन में आयोजित लिखित एवं मौखिक परीक्षा में लगभग 2 सौ विद्यार्थियों ने जैन दर्शन की परीक्षा दी। जिसे सफल बनाने में दीपकराज जैन, प्रखर शास्त्री, वर्षा पाटनी, सरोज झांझरी, भावना जैन, अनुप्रेक्षा जैन, पायल जैन, स्नेहा पाटनी, नीता जैन, आर्या जैन का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। जिनके प्रशन पत्र टोडरमल स्मारक जयपुर से आये थे। परीक्षा के बाद सभी उत्तर पुस्तिकाओं को गुरुजनों की उपस्थिति में जयपुर पहुंचाया गया। जहां उत्तर पुस्तिका की जांच कर रिजल्ट तैयार किया जावेगा। परिणाम घोषित होने पर विद्यार्थोयों की प्रमाण पत्र एवं पुरुस्कार से सम्मानित किया जावेगा।
छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश एवं पूरे भारत मे दस हजार से अधिक बच्चों ने जैन दर्शन की परीक्षा दी। वीतराग विज्ञान पाठशाला का संचालन 40 वर्षों से अनवरत रूप से चल रहा है जिसमे समाज के श्रावक - श्राविकाएँ समय निकाल कर बच्चों को निःशुल्क सेवा देकर संस्कारित कर रहें हैं। जिसके लिए मण्डल, फेडरेशन सहित अभिभावकों ने गुरुजन का आभार व्यक्त किया।