
इनका कहना है ऐसे जर्जर भवन जिसमें बच्चों को बैठाने से नुकसान हो सकता है, उन भवनों की तत्काल जानकारी मांगी गई है। इसे जिला शिक्षा विभाग के माध्यम से भोपाल पहुंचाना है। आदेश के अनुसार पूरी तरह से जर्जर भवनों को तुरंत गिराना भी है। इंजीनियर जर्जर भवनों के एक दो दिनों में प्रस्ताव भी तैयार करेंगे। - अशरफ अली, विकासखंड शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा जिले में ऐसे जर्जर भवनों की पड़ताल की जा रही है, जिनके नीचे बैठकर पढ़ाई करना एवं करवाना दोनों ही खतरनाक है। ऐसे भवनों को चिह्नित करने के लिए राज्य शिक्षा विभाग ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं, हालांकि पिछले कई वर्षों से जिला शिक्षा केंद्र के इंजीनियर स्कूलों को चिह्नित भी करते आ रहे हैं और उनकी जानकारी लगातार वरिष्ठ कार्यालय को भेज रहे हैं।
जिला शिक्षा विभाग ने 79 जीर्णशीर्ण स्कूलों की सूची भी बनाई है, जिन्हें जमींदोज कर नए भवन बनाए जाने की जरूरत है, जबकि ऐसे 506 विद्यालयों की सूची बनी है जिन्हें मरम्मत योग्य माना गया है। हालांकि मरम्मत योग्य भवनों में भी कुछ जमींदोज की श्रेणी के करीब हैं।
छिंदवाड़ा विकासखंड अंतर्गत उमरिया ईसरा का हायर सेकंडरी विद्यालय इसका उदाहरण है। यहां बारिश के दौरान कबेलू नुमा कमरों में बैठाने से रोक दिया जाता है, और बारिश के बाद विद्यार्थी उन्हीं कमरों में बैठकर पढ़ते हैं। इस विद्यालय को अतिरिक्त कमरों की जरूरत है, जिसकी पूर्ति वे प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के जीर्णशीर्ण भवन में बैठाकर करते हैं।
विगत सोमवार लोक शिक्षण संचालनालय ने वीडियो कॉन्फ्रेङ्क्षसग के दौरान जिला शिक्षा विभाग को जर्जर भवनों की सूची खंगालने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के अनुसार ऐसे विद्यालयों की मरम्मत के प्रस्ताव भेजे जाने हैं, जहां जिले में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी विद्यालय जर्जर भवनों में संचालित हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने भी ऐसे जिला शिक्षा विभाग अंतर्गत आने वाले छिंदवाड़ा, परासिया, मोहखेड़, सौसर, पांढुर्ना, चौरई एवं अमरवाड़ा विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को जीर्णशीर्ण एवं मरम्मत भवनों में संचालित होने वाले विद्यालयों की जानकारी देने के निर्देश जारी किए हैं।
इनका कहना है
ऐसे जर्जर भवन जिसमें बच्चों को बैठाने से नुकसान हो सकता है, उन भवनों की तत्काल जानकारी मांगी गई है। इसे जिला शिक्षा विभाग के माध्यम से भोपाल पहुंचाना है। आदेश के अनुसार पूरी तरह से जर्जर भवनों को तुरंत गिराना भी है। इंजीनियर जर्जर भवनों के एक दो दिनों में प्रस्ताव भी तैयार करेंगे।
अशरफ अली, विकासखंड शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा
Updated on:
08 Aug 2024 10:41 am
Published on:
08 Aug 2024 10:40 am
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