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एक दिन में 5 यूनिट से अधिक बिजली खपत तो योजना से हो जाएंगे बाहर

अपै्रल-मई माह में सैकड़ों उपभोक्ता हो चुके हैं अपात्र

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एक दिन में 5 यूनिट से अधिक बिजली खपत तो योजना से हो जाएंगे बाहर

एक दिन में 5 यूनिट से अधिक बिजली खपत तो योजना से हो जाएंगे बाहर

छिंदवाड़ा. बिजली उपभोक्ताओं को इस महीने बिलों को देखकर काफ ी झटके लग रहे हैं, ऐसे में वे कहीं मीटर तो कहीं मीटर वाचकों पर संदेह व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए खुद उनके घर की खपत ही जिम्ममेदार है, जिसपर उनकी नजर नहीं जा रही हैं।

दरअसल मार्च महीने तक 90-99 यूनिट तक कुल 100 रूपए देने वाले कुछ उपभोक्ताओं का बिल अपै्रल से अचानक 900 रूपए से अधिक आया तो उन्हे हजम नहीं हुआ और उन्होने बिजली विभाग को ही अधिक बिल के लिए जिम्ममेदार ठहराया। लेकिन असल में बिजली बिल के टैरिफ के लिए औसत दैनिक खपत असर डालती है, इसमें कभी कभी मीटर वाचकों के द्वारा समय असमय ली गई रीडिंग भी जिम्ममेदार हो जाती है। हालांकि एक सी नियमित खपत के चलते मीटर वाचक द्वारा 25 से 30-32 दिन में भी ली गई खपत बिजली बिल के परिणाम पर ज्यादा असर नहीं डालती। लेकिन घरो में तीन सप्ताह सामान्य खपत एवं एक सप्ताह अधिक खपत करने के बाद ली गई रीडिंग से बिलों में फर्क पड़ता हैं।

गर्मी के कारण बढ़े बिल
अपै्रल मई महीने में गर्मी बढ़ी और लोग घर पर लॉक डाउन के कारण रूके तो बिल मई एवं जून में बिल बढकर आए। जिसे उपभोक्ता समझ नहीं पा रहे है। कि सौ यूनिट तक 100 रूपए दिया लेकिन 40-50 यूनिट तक और बढऩे पर डेढ सौ की जगह 1000 रूपए बिल कैसे आ गया। दरअसल पूरा खेल इंदिरा गृह ज्योति योजना का है जिसमें उसी उपभोक्ता को फ ायदा मिलेगा जो पूरे महीने बचत कर सकता होगा। जिस उपभोक्ता के घर महीने भर में 150 यूनिट से अधिक खर्च आ रहा है वह अपने मौजूदा घरेलू संसाधनों के कारण धनाडय माना जा सकता है और वह बिजली की नियमित दरों के अनुसार ही बिजली बिल देने योग्य माना जाता है। योजना के अनुसार 30 दिन में 150 यूनिट से कम खपत वाले ही उपभोक्ता योजना के पात्र होते है।

सेल्फ मीटर रीडिंग से हो सकता है कंट्रोल
मीटर वाचक की जगह एप के माध्यम से सेल्फ मीटर रीडिंग लेेने से उपभोक्ता खुद के घर की खपत के बारे में जानकारी ले सकते हैं। खुद मीटर रीडिंग लेने से वह हर माह 25 से 27 तारीख के अंदर रीडिंग लेकर भेज सकते हैं, हर माह की रीडिंग उनके पास दर्ज होगी और वे खुद अधिक रीडिंग आने पर कंट्रोल भी कर सकते हैं। रीडिंग लेने से उपभोक्ताओं में बिजली बचत की जागरुकता भी आएगी।
योगेश कुमार उईके, कार्यपालन अभियंता शहर संभाग