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Electricity company: हर माह क्यों नहीं पहुंचता बिल, जानिए वजह

अप्रेल से हुई थी योजना की शुरुआत

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Electricity company:  हर माह क्यों नहीं पहुंचता बिल, जानिए वजह

Electricity company: हर माह क्यों नहीं पहुंचता बिल, जानिए वजह

छिंदवाड़ा। पांच माह से बिजली कम्पनी उपभोक्ताओं के पास पेपर लेस बिजली बिल भेज रही है। अब तक कभी भी सभी उपभोक्ताओं के पास बिजली बिल नहीं पहुंचे हैं। खुद बिजली कम्पनी के अधिकारियों ने ही इस बात की पुष्टि की है कि हर माह विद्युत वितरण कम्पनी जबलपुर बिजली बिल रिसीव नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की सूची भेजता है। हालांकि, शुरुआत के एक दो माह ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या काफी अधिक थी, लेकिन बाद के तीन महीनों में औसतन डेढ़ सौ उपभोक्ता अब भी बिल रिसीव नहीं कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि माह अप्रेल से बिजली कम्पनी के शहर सम्भाग अंतर्गत 67,000 उपभोक्ताओं को मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से बिल भेजा जा रहा है। इनमें ज्यादातर उपभोक्ताओं के मोबाइल नम्बर बिजली बिलों से अटैच ही नहीं थे। बिजली कम्पनी ने लगातार अभियान चलाकर पहले तो मोबाइल नम्बरों को जुड़वाया, फिर भी हर माह विभिन्न प्रकार की समस्याओं के चलते मैसेज रिसीव नहीं हो रहे हैं।

उपभोक्ता का बढ़ा खर्च
बिजली कम्पनी ने पेपरलेस बिजली बिल योजना से मीटर वाचकों को बिजली बिल वितरण के सवा लाख रुपए भले ही हर माह बचा लिए हों, लेकिन इस योजना के बाद ज्यादातर उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ गया है। कॉल करने के लिए कीपैड फोन रखने वाले लोगों को भी दूसरे फोन में बिल फारवर्ड करने के लिए मैसेज पैक लेना पड़ रहा है। एंड्रायड फोन में अनिवार्य रूप से नेट पैक डलवाना पड़ रहा है, ताकि बिजली बिल के ङ्क्षलक को डाउनलोड किया जा सके। इस पर भी यदि किसी को बिल निकलवाना है, तो उसके लिए कम से कम 10 रुपए ङ्क्षप्रट के लिए खर्च करना पड़ता है।

डिलीवरी रिपोर्ट से मिलती है जानकारी
दरअसल, मोबाइल में मैसेज भेजने पर डिलीवरी रिपोर्ट विकल्प के माध्यम से किसी भी प्रेषक को मैसेज पहुंचने की जानकारी हो जाती है, लेकिन मैसेज की डिलीवरी रिपोर्ट नहीं आई, तब भी इस बात की भी पुष्टि हो जाती है कि उपभोक्ता तक बिजली बिल का ङ्क्षलक नहीं पहुंचा है। बता दें कि बिजली बिल के ङ्क्षलक के पहुंचने के बाद उसे टच करने पर मोबाइल में बिजली बिल खुल जाता है। इसे डाउनलोड करने पर बिजली बिल की पूरी जानकारी मिल जाती है। इसके लिए मोबाइल में इंटरनेट होना अनिवार्य है।

इनका कहना है
शहर सम्भाग के अंतर्गत सभी उपभोक्ताओं के पास बिल नहीं पहुंच रहा है। हर माह करीब डेढ़ सौ उपभोक्ताओं की सूची जबलपुर रीजन से भेजी जा रही है, इसका कारण कई बार मैसेज पैक, मोबाइल रिचार्ज न होना हो सकता है।
खुशियाल शिववंशी कार्यपालन अभियंता शहर सम्भाग