18 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

परासिया नपा के एकाउंटेंट को पांच हजार की रिश्वत लेते ईओडब्ल्यू ने दबोचा

नियमित सफाई कर्मी के रिटायर होने पर ग्रेच्युटी फंड व निकलवाने मांगी थी रिश्वत, 20 हजार पहले ले चुका था, नपा कार्यालय में ले रहा था रिश्वत

2 min read
Google source verification
EOW teem

EOW teem

छिंदवाड़ा. ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) जबलपुर ने डोंगर परासिया नगरपालिका में दबिश देकर कार्यालय के एकाउंटेंट शैलेंद्र (54) पिता महेश शर्मा को पांच हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। नियमित सफाई कर्मी लालजी (62) पिता सुंदरलाल पिंडरारोची निवासी कुम्हारी मोहल्ला परासिया के रिटायर होने के बाद उसे अपनी ग्रेच्युटी फंड तथा पेशन जारी करवाना था जिसे जारी करने के लिए अकाउंटेंट शैलेंद्र शर्मा 25 हजार की मांग कर रहा था, रिटायर कर्मी ने पूर्व में 20 हजार रूपए दिए थे लेकिन पांच हजार रुपए के लिए एकाउंटेंट दवाब बना रहा था। परेशान होकर रिटायर कर्मी ने ईओडब्ल्यू को शिकायत की थी, जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को एकाउंटेंट को नगरपालिका कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था।

प्रार्थी लालजी पिंडरारोची ने बताया कि वह सफाई कर्मी के पद से अगस्त 2025 में सेवानिवृत्त हुआ था। सेवानिवृत्त होने के बाद भी उसे ग्रेच्युटी फंड नहीं मिला तथा पेंशन भी शुरू नहीं हो पाई थी। जिसके बाद वह एकाउंटेंट शैलेंद्र शर्मा से मिला था, एकाउंटेंट ने ग्रेच्युटी फंड व पेंशन जारी करवाने के एवज में 25 हजार रुपए की डिमांड की थी। 20 हजार रुपए देने के बाद भी एकाउंटेंट कार्य नहीं कर रहा था तथा बकाया पांच हजार रुपए की लगातार मांग कर रहा था। परेशान होकर रिटायर कर्मी ने 13 फरवरी 2026 ईओडब्ल्यू जबलपुर को शिकायत आवेदन दिया था। शिकायत के सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू ने शिकायत को सही पाया, जिसके बाद एकाउंटेंट को ट्रैप करने के लिए टीम पहुंची थी। टीम ने नपा कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकडऩे के बाद प्रार्थी के ग्रेच्युटी फंड व पेंशन के दस्तावेज जब्त किए।

ईओडब्ल्यू ने एकाउंटेंट पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 की धारा 7 (ए) तहत कार्रवाई की है। कार्रवाई में शामिल टीम में एसडीओपी श्रीधामी, निरीक्षक भुवनेश्वरी चौहान, प्रधान आरक्षक गगन, आरक्षक अभिनव, नदीम, सागर सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

मूल पद है सहायक शिक्षक, कुछ समय से था प्रभार में

आरोपी शैलेंद्र शर्मा का मूल पद सहायक शिक्षक है जो नगर पालिका के स्कूल में पदस्थ है। नपा की लेखपाल के अवकाश पर होने से शिक्षक से नगरपालिका में लेखापाल का काम लिया जा रहा था।