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आज भी नदी-कुओं से लाते हैं पानी

कोयलांचल में जिन लोगों की जमीन से काला सोना निकल रहा है। उन्हें शासन-प्रशासन ने भुला रखा है। आज भी उन्हें नदी कुंओं से पानी लाना पड़ता है। पनारा बड़ी बस्ती में एक महीने से पानी की समस्या बनी हुई है । वार्ड एक और दो में लोगों को रोजाना निस्तार के लिए नदी से पानी लाना पड़ रहा है। पीने का पानी दो किलोमीटर दूर कुएं से लाते हैं।

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Even today water is brought from rivers and wells.

छिन्दवाड़ा/डुंगरिया. कोयलांचल में जिन लोगों की जमीन से काला सोना निकल रहा है। उन्हें शासन-प्रशासन ने भुला रखा है। आज भी उन्हें नदी कुंओं से पानी लाना पड़ता है। पनारा बड़ी बस्ती में एक महीने से पानी की समस्या बनी हुई है । वार्ड एक और दो में लोगों को रोजाना निस्तार के लिए नदी से पानी लाना पड़ रहा है। पीने का पानी दो किलोमीटर दूर कुएं से लाते हैं। ग्राम पंचायत को भी शिकायत की गई ,पर आश्वासन दिया जा रहा है कि जल्दी पानी आ जाएगा। बताया जाता है मोटर बोर में गिर गई है। अब वह निकाली जाएगी तभी नल से पानी मिलेगा। ग्राम वासियों ने जल्द से जल्द पीने के पानी की व्यवस्था करने की मांग की है। इसी तरह ग्राम पंचायत पनारा के हेटी गांव की पुलिया पर बड़ा गड्ढा होने से हादसे की आशंका रहती है। पुलिया में दरारें भी आ गई है । यहीं से ग्रामीणों का शहर की ओर आवागमन होता है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से समय रहते पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं पनारा के वार्ड 1 से लेकर 20 तक हर व दो से तीन डस्टबिन बनाए जाएंगे। इनमें गीला व सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डाला जाएगा। इससे गांव में सफाई व्यवस्था रहेगी। जल्द ही ये सुविधा शुरु हो जाएगी। डुंगरिया के वार्ड 19 निवासी चैती बाई को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है । उसने बताया ना उचित मूल्य पर अनाज मिलता है और ना ही वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। मैं अकेली टूटी फूटी झोंपड़ी में रहती हंू। उसने प्रशासन से गुहार लगाई है।