
Fair held in Hariyagarh, Trishul offered to Lord Bholenath
छिन्दवाड़ा/लिंगा. महाशिवरात्रि पर्व पर तवा नदी के उद्गम स्थल एवं राजा जाटवा शाह की कर्मभूमि हरियागढ़ किले में दो दिवसीय मेला भरा। मंदिर पर कलश स्थापना की गई। वहीं लिंगा में नागद्वार सेवा समिति की ओर से गांव में त्रिशूल यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा मां चित्रशाला मंदिर से प्रारंभ हुई । भक्तों ने जगह-जगह त्रिशूल की पूजा की। देर शाम खंडेरा मंदिर में त्रिशूल को विधिवत स्थापित किया गया। इस दौरान खंडेरा मंदिर में भजन कीर्तन और भंडारा वितरण किया गया। धरमपुर में शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की गई। न्यू हनुमान मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में रविवार को हवन -पूजन किया गया। बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे। इसके बाद महाप्रसाद वितरण किया गया। आसपास के महलपुर, सारोठ, मऊ, सिंगपुर, मोहखेड़ व अन्य गांवों के भक्तों ने भी महाप्रसाद ग्रहण किया।सारंगबिहरी में नवयुवकों और ग्रामीणों के सहयोग से गांव में शिव-पार्वती की आकर्षक झांकी निकाली गई । रविवार को दही लाइ के साथ भंडारा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने शोभायात्रा में भाग लिया व भंडारा में प्रसाद ग्रहण किया। महाशिवरात्रि पर तवा नदी के उद्गम स्थल एवं राजा जाटवा शाह की कर्मभूमि हरियागढ़ किले में दो दिवसीय मेला भरा। मंदिर पर कलश स्थापना की गई। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से भक्तों ने मां चंडी के दरबार में शीश झुका कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना की। मां चंडी सेवा समिति के माध्यम से भक्तों के लिए भोजन प्रसादी एवं पेयजल की व्यवस्था की गई।
Published on:
20 Feb 2023 10:00 pm
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