
छिंदवाड़ा। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए जहां जिला मुख्यालय पर 30 अप्रैल को नई एम्बुलेंस के काफिले को हरी झंडी दिखाकर इस सेवा की शुरुआत की गई थी। वहीं इसके ठीक एक दिन बाद ही ये सेवा लापरवाही के चलते लड़खड़ानी शुरु हो गई है। ऐसी ही एक घटना के चलते डीजल भरवाने के बाद भुगतान नहीं करने पर एक एम्बुलेंस पेट्रोल पम्प पर लम्बे समय तक खड़ी रही।
दरअसल एक मई को एम्बुलेंस मरीज को लेकर नागपुर जाने वाली थी। इससे पहले डीजल भरवाने के लिए चालक एम्बुलेंस लेकर बस स्टैंड स्थित पेट्रोल पम्प पर पहुंचा। चालक ने डीजल भरवाया, लेकिन भुगतान करने के लिए उसके पास राशि नहीं थी, वहीं एजेंसी की खामी के चलते उसे भी राशि नहीं मिल पाई।
इसके चलते चालक एम्बुलेंस वहीं छोड़कर चला गया। दरअसल, इन एम्बुलेंस का संचालन निजी एजेंसी मप्र जय अम्बे इमरजेंसी सर्विस कर रही है। वाहन में ईंधन भरवाने के बाद राशि भुगतान के लिए एजेंसी की ओर से एक ओटीपी दिया जाता है, लेकिन मामले में यह ओटीपी समय पर नहीं मिल पाया।
कुछ देर इंतजार करने के बाद चालक एम्बुलेंस वहीं छोड़कर चला गया। इधर जब एम्बुलेंस मरीज को लेने अस्पताल नहीं पहुंची तो अन्य एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई, लेकिन परिजन ने मरीज को ले जाने से मना कर दिया।
एम्बुलेंस का संचालन करने वाली निजी एजेंसी मप्र जय अम्बे इमरजेंसी सर्विस के जिला समन्वयक गजेन्द्र निनजे के अनुसार हर एम्बुलेंस के चालक को एक ओटीपी एजेंसी के भोपाल मुख्यालय से जारी किया जाता है। किसी तकनीकी खामी के कारण सम्बंधित एम्बुलेंस के चालक को ओटीपी नहीं मिल पा रहा था। डीजल भरवाने के बाद ओटीपी नहीं मिलने के कारण वाहन पेट्रोल पम्प पर ही खड़ा रहा। मरीज के लिए करीब आधा घंटे बाद दूसरी एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई, लेकिन उन्होंने मरीज को लेकर जाने से माना कर दिया था।
जिले को मिली हैं 28 एम्बुलेंस
जिले को 28 नई 108 एम्बुलेंस मिली हैं। निजी एजेंसी मप्र जय अम्बे इमरजेंसी सर्विस के जिला समन्वयक गजेन्द्र निनजे ने बताया कि प्रत्येक एम्बुलेंस के चालक को भुगतान के लिए एक ओटीपी एजेंसी के भोपाल मुख्यालय से जारी किया जाता है। किसी तकनीकी खामी के कारण सम्बंधित एम्बुलेंस के चालक को ओटीपी नहीं मिल पाया।
Published on:
03 May 2022 02:06 pm
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