
Farmers adopting new technology to spray crops with drones
ड्रोन से फसलों में स्प्रे की नवीन तकनीकी को अपना रहे किसान
छिंदवाड़ा/ मक्का, सोयाबीन समेत गेहूं, गन्ना, मूंगफली, संतरा एवं कपास की फसल को प्रमुखता से लेने के साथ सब्जी फसलों को लगाने में रुचि रखने वाले छिंदवाड़ा जिले के किसान ड्रोन से फसलों में स्प्रे की नवीन तकनीकी को अपना रहे है।
बता दें कि छिंदवाड़ा जिला कृषि के क्षेत्र में अग्रणी है, यहां प्रगतिशील कृषक नई-नई तकनीकों को अपनाने में तत्पर रहते हैं। इसी तारतम्य में छिन्दवाड़ा विकासखंड के ग्राम उमरहर में हाल ही में आदर्श गो-शाला के उद्घाटन कार्यकम के दौरान मुख्यमंत्री कमल नाथ के समक्ष ड्रोन स्प्रे तकनीकी का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा के मार्गनिर्देशन में कृषि विभाग के अधिकारियों ने इस ड्रोन तकनीकी का गो-शाला से लगे हुए खेतों में खडी फसल पर स्प्रे कर प्रदर्शन भी किया। जिले के कई किसानों ने इस नवीन तकनीकी को देखा और इसकी सराहना करते हुए इसे अपनाने की इच्छा जाहिर की।
यह हैं नफा-नुकसाान
उप संचालक कृषि जेआर हेड़ाऊ ने बताया कि ड्रोन तकनीकी एक ऐसी तकनीक है जो रिमोट से संचालित उपकरण द्वारा क्रियान्वित होती है और इस तकनीक के माध्यम से फसलों में कीटनाशक, घुलनशील उर्वरक, सूक्ष्म तत्व, जैव उर्वरक का स्प्रे वृहद क्षेत्र में किया जा सकता हैं। इस तकनीकी से कृषक रसायनों के सीधे संपर्क में नहीं आता हैं और रसायनों के दुष्प्रभाव से बचा रहता है। साथ ही फसल भी खराब नहीं होती है। यह तकनीकी छिंदवाड़ा जैसे जिले में इसलिए भी बहुत आवश्यक हैं, क्योंकि यहां अधिक ऊंचाई वाली फसलें जैसे मक्का, संतरा एवं कपास आदि फसलें बहुतायत से ली जा रही हैं एवं इन फसलों की पैदावार अधिक होने पर फसलों पर सामान्य स्प्रे किया जाना संभव नहीं हो पाता हैं। जिले में रबी, खरीफ और जायद फसलें बड़ी तादात में पैदा की जाती है। ऐसी स्थिति में फसलों में ड्रोन से कीटनाशक, घुलनशील उर्वरक, सूक्ष्म तत्व, जैव उर्वरक का स्प्रे कृषकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इस तकनीक को अपनाने के लिए कृषकों में अच्छा उत्साह दिखाई दे रहा है।
Updated on:
26 Feb 2020 06:37 pm
Published on:
26 Feb 2020 06:35 pm
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