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किसान की बेटी ने इसलिए दी जान, रुला देगा सुसाइड नोट

मेरी शादी के लिए बाबा और कर्ज लें, यह मुझे स्वीकार नहीं है। मुझे मालूम है कि बाबा को इससे दुख होगा, लेकिन यह दुख कर्ज से तो कम ही होगा।

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suicides

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छिंदवाड़ा/नागपुर. विदर्भ में किसानों के बाद उनकी संताने के खुदकुशी करने के मामले चिंता का विषय बन गए हैं। एक किसान की बेटी के आत्महत्या करने का मामला प्रकाश में आया है।
दअरसल, पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे पिता को एक बार फिर से कर्ज लेने से बचाने के लिए बेटी ने जहर पीकर खुदकुशी कर ली। घटना नांदेड़ जिले की किनवट तहसील के ग्राम गोकुंदा में बुधवार को हुई, लेकिन इसका खुलासा गुरुवार को हुआ।

यह लिखा

सुसाइड नोट में लडक़ी ने लिखा है कि दहेज का हम सभी को विरोध करना चाहिए। मुझे मालूम है कि घर की आर्थिक परिस्थतियां बहुत खराब हैं। पढ़ाई का खर्च निकालना भी आसान नहीं है। ऐसे में मेरी शादी के लिए बाबा और कर्ज लें, यह मुझे स्वीकार नहीं है। इस वजह से मैंने जीवन समाप्त करने का निर्णय लिया है। मुझे मालूम है कि बाबा को इससे दुख होगा, लेकिन यह दुख कर्ज से तो कम ही होगा।

दहेज के रूप में पांच लाख रुपए की मांग

किनवट तहसील के भीशी गांव के निवासी विलास शिरगिरे की बेटी पूजा पढऩे के लिए अपने छोटे भाई के साथ किनवट में एक किराए के मकान में रह रही थी। उसके पिता अल्प भू-धारक किसान हैं। घर की परिस्थिति अत्यंत खराब होने और सिर पर कर्ज भी होने के कारण विलास मजदूरी कर बच्चों की शिक्षा का खर्च निकाल रहे थे। बेटी की शादी के लिए उन्होंने एक परिवार से बात की जिसने दहेज के रूप में पांच लाख रुपए की मांग रखी। यह बात सामने आने पर माता-पिता को परेशानी से बचाने के लिए बेटी ने आत्महत्या करने का कदम उठाया।

मृत अवस्था में लाया गया अस्पताल

छिंदवाड़ा . जिले के जुन्नारदेव थाना अंतर्गत ग्राम माली निवासी रतन पिता राम लाल शिलू को शुक्रवार की सुबह मृत अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। पुलिस ने बताया है कि रतन का स्वास्थ्य अचानक खराब होने पर परिजन द्वारा उसे जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन पहले ही उसने दम तोड़ दिया।