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दूधी नदी पर बांध के विरोध में उतरे किसान

दूधी नदी पर बनने वाले बांध के विरोध में रविवार को करीब १५ गांवों के किसानों व मजदूरों ने चावलपानी में धरना दिया। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर बांध का कार्य नहीं रुका तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। चावलपानी के ग्रामीणों का कहना है कि हमारे यहां दो जलाशय है, जिससे हमें पानी की पूर्ति हो जाती है। इस बांध का लाभ होशंगाबाद और नरसिंहपुर जिले को मिलेगा।

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Farmers protested against the dam on the Dudhi river

छिंदवाड़ा. दूधी नदी पर बनने वाले बांध के विरोध में रविवार को करीब १५ गांवों के किसानों व मजदूरों ने चावलपानी में धरना दिया। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर बांध का कार्य नहीं रुका तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। चावलपानी के ग्रामीणों का कहना है कि हमारे यहां दो जलाशय है, जिससे हमें पानी की पूर्ति हो जाती है। इस बांध का लाभ होशंगाबाद और नरसिंहपुर जिले को मिलेगा। उन्होंने बताया कि बांध बनने से कई गांव डूब में आ जाएंगे। खेत उजड़ जाएंगे। बांध से जितना फायदा नहीं होगा। उससे ज्यादा किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने तहसीलदार संजय बरैया, नायब तहसीलदार शशांक मेश्राम, टी आई मयंक उईके को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जमील खान, उमराव शाह, पूनम भावे नरसिंहपुर, कमलेश धुर्वे नरसिंहपुर, सीताराम खारी, गायत्री, मनमोहन साहू, उर्जर सिंह भारती, भागचंद साहू, देवी जगदीश चौकसे, तुलसीराम मालवीय, कमलभान शाह, हरिराम पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।