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बोर में फ्लोराइडयुक्त पानी, पुनर्वास कॉलोनी में गुणवत्ताहीन निर्माण

पेंच डायवर्सन परियोजना के डूब प्रभावित ग्राम हिवरखेड़ी के बोर मेेंं फ्लोराइड युक्त पानी की सप्लाई की जा रही है तो...

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chhindwara

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छिंदवाड़ा . पेंच डायवर्सन परियोजना के डूब प्रभावित ग्राम हिवरखेड़ी के बोर मेेंं फ्लोराइड युक्त पानी की सप्लाई की जा रही है तो वहीं पुनर्वास कॉलोनी में सड़क और नालियों के गुणवत्ताहीन काम कराए गए हैं। इसके अलावा मुआवजा वितरण भी असमान तरीके से किया
गया है।


ये समस्याएं गुरुवार को पेंच व्यपवर्तन परियोजना चौरई के डूब प्रभावित क्षेत्र के सम्बंध में बुलाई गई समीक्षा बैठक में गंूजा।
कलेक्टर जेके जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधायक चौधरी चंद्रभान सिंह और रमेश दुबे समेत जल संसाधन और बिजली विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में डूब प्रभावित क्षेत्र के ग्राम बारहबरियारी, धनौरा, हिवरखेड़ी, मडुआ और केवलारी संभा में डेम में डूबी भूमि और फसल के मुआवजा प्रकरण बनाने, भू-अधिग्रहण से छूटी हुई सभी भूमि के अर्जन के प्रस्ताव बनाने, कृषकों को मुआवजा का भुगतान करने, परिसम्पत्तियों का मुआवजा निर्धारित करने, पेयजल, सड़क, शिक्षा, मत्स्याखेट, विद्युत और अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को इसका निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने तीन तरफ से पानी से घिरे ग्रामों में आवागमन की व्यवस्था बनाने के साथ ही जिन ग्रामों में सड़क, नाली आदि का गुणवत्ताहीन कार्य हुआ है, में जिम्मेदारी तय कर सम्बंधित अधिकारी और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कहा।बैठक में बताया गया कि डैम में स्थानीय निवासियों से ही मत्स्याखेट कराया जाएगा। सिवनी के मत्स्य महासंघ को स्थानीय निवासियों से ही मत्स्य विक्रय करने का ठेका दिया गया है।


ये समस्याएं भी उठीं
१.बारह बरियारी के २०-२५ किसान ऐसे हैं, जिनके पास अधिग्रहण के बाद भी जमीन शेष है। उन्हें मुआवजा दिए जाने की मांग की।
२.जिन किसानों के पास जमीन है, उन्हे खेती के लिए बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। पर्याप्त एचपी का विद्युत ट्रांसफार्मर नहीं हैं।
३. बारह बरियारी तीन तरफ से पानी से घिरा है। आवागमन का रास्ता है, न ही जीवन यापन का साधन।
४. ग्रामीण जलाशय में लम्बे समय से मत्स्याखेट की मांग रहे हैं। इस पर ध्यान नहीं दिया गया है।