छिंदवाड़ा। वर्षों से गणेश उत्सव मनाया जाता है। दस दिनों के लिए गांव से लेकर शहर तक इसकी धूम होती है, लेकिन बिना मूर्ति के इस परम्परा की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इस परम्परा का निर्वहन करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं मूर्तिकार, जो वर्षों से मिट्टी से श्रीगणेश की मूर्ति बना रहे हैं। मूर्तिकार रविंद्र मालवीय ने बताया कि वर्तमान में मूर्ति निर्माण की लागत कई गुना बढ़ चुकी है। बावजूद इसके मूर्तिकार निर्माण के लिए छह माह तक जुटे रहते हैं।