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आपको चाहिए बाघों का साथ तो ऐसे मिल सकता है मौका

मांसाहारी प्राणियों की गणना में मिलेगी वनकर्मियों के साथ रहने की सुविधा

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Golden chance for the calculation of tigers

Golden chance for the calculation of tigers

छिंदवाड़ा . आम आदमी भी जंगल में टाइगर के पदचिह्न ढूंढ सकेगा। जिले में १८ फरवरी से शुरू हो रही वन्यप्राणी में वन कर्मचारियों के साथ यह सुविधा केवल तीन दिन तक मिलेगी। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति को इसी माह आवेदन करना होगा। विभागीय अधिकारी इसकी ट्रेनिंग भी दिलवाएंगे।

विभागीय जानकारी के मुताबिक प्रदेश मेें 5 फरवरी से 26 मार्च तक चार चरणों में राष्ट्रीय बाघ आकलन करने की तिथि घोषित की गई है। जन-सामान्य की वन्य-प्राणी प्रबंधन विषयों में भागीदारी सुनिश्चित करने, एकत्रित आंकड़ों की गुणवत्ता बढ़ाने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से स्थानीय नागरिकों, शिक्षकों, कॉलेज के छात्र-छात्राओं और वन्य-प्राणी आकलन में रुचि रखने वाले लोग 15 जनवरी तक आवेदन कर सकेंगे। स्वयंसेवक प्रत्येक चरण के पहले तीन दिनों (मांसाहारी प्राणियों के चिह्नों का आकलन) की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। आवेदक का वन क्षेत्रों की विपरीत परिस्थितियों में रहने, दुर्गम क्षेत्रों में प्रतिदिन 10 किलोमीटर पैदल चलने और शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम होना जरूरी है।

पेंच पार्क में तीन रेंजर लेंगे प्रशिक्षण
टाइगर की गणना की ट्रेनिंग के लिए पश्चिम वनमण्डल के तीन रेंज अधिकारी रघुवंश सिंह झिरपा,आरपी श्रीवास्तव तामिया और कीर्तिबाला गुप्ता दमुआ 7 से 9 जनवरी तक पेंच नेशनल पार्क में ट्रेनिंग लेंगे। उसके बाद वे स्थानीय अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।

जंगल में बिताना होगा समय
आकलन अवधि में स्वयंसेवक को आवंटित बीट में स्थानीय वन-कर्मियों के साथ उनके आवास में ही ठहरना होगा तथा अपना स्लीपिंग बैग/बेडरोल स्वयं ही लाना होगा। आंकलन से दो दिन पूर्व पहुँचकर स्थानीय अधिकारियों को अपने आगमन की सूचना देनी होगी। आकलन से एक दिन पूर्व होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना होगा। स्वयंसेवक को बीट स्थानीय अधिकारी आवंटित करेंगे।


पहले पश्चिम, फिर दक्षिण और पूर्व में की जाएगी गणना
वन विभाग द्वारा तय शेड्यूल के अनुसार वन्य प्राणियों की गणना जिले में सर्वप्रथम 18 से 24 फरवरी के बीच पश्चिम वनमण्डल से शुरू होगी। उसके बाद दक्षिण और पूर्व वनमण्डल में यह शुरू होगी। गणना में न केवल बाघ(टाइगर),तेन्दुआ और भालू जैसे हिंसक प्राणी शामिल किए जाएंगे बल्कि चीतल, सांभर,नीलगाय और बंदर जैसे शाकाहारी भी गिने जाएंगे। इसके लिए वन विभाग ने एंड्राइड एप तैयार किया है।

18 फरवरी से होगी यहां शुरुआत
वन्य प्राणी गणना का शेड्यूल आ गया है। हमारे मण्डल में इसकी शुुरुआत 18 फरवरी से होगी। इस गणना में शामिल होनेवाले इच्छुक व्यक्ति को आवेदन करना होगा। फिर प्रशिक्षण के पश्चात् गणना में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
डॉ.किरण बिसेन, डीएफओ पश्चिम वनमण्डल