
घर में कोई मेहमान आ जाए तो सबसे बड़ी समस्या उन्हें बाहर की सैर कराने की होती है। छिंदवाड़ा में इसका हल निकालते हुए पूर्व वनमण्डल ने पोआमा के पीछे नगर वन यानी सिटी फॉरेस्ट का प्रस्ताव तैयार किया है। इस सिटी फॉरेस्ट में आम आदमी और परिवार की जरूरत के मुताबिक बच्चों के झूले, कैफेटोरियम, अतिथि कुर्सियां, बांस शिल्प दुकानें समेत अन्य इंतजाम किए जाएंगे।
इसका प्रस्ताव एक करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। इसकी स्वीकृति और बजट केंद्र सरकार से मांगा गया है।
पूर्व वनमण्डल के अधिकारी-कर्मचारियों ने शहरी सामाजिक जनजीवन में यह पाया कि छिंदवाड़ा शहर में होटल, रेस्टारेंट, पार्क समेत अन्य सुविधाएं हंै। इससे भी हटकर लोग चाहते हैं कि वे प्राकृतिक स्थलों पर अपने घर आए अतिथियों और मेहमानों को भ्रमण कराने ले जाएं। शहर में धरमटेकरी और भरतादेव है तो वहां कैफेटोरियम और रेस्टारेंट की कमी है। इसके अलावा आसपास काराबोह समेत अन्य स्थलों पर भी बच्चों के खेलकूद की सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। इस स्थिति में कोई ऐसा स्थान तैयार किया जाए, जिसमें हर व्यक्ति को प्राकृतिक स्थल, बच्चों के खेलकूद, कैफेटोरियम, तितली पार्क, अतिथियों के बैठने कुर्सियां मिले।
मॉर्निंग वॉक, साइकिलिंग ट्रैक, खुली जीप मिले। साथ ही किसी बांस शिल्प सामग्री की खरीदी का मन करें तो दुकानें भी उपलब्ध हो जाएं। शहर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों की आवश्यकता को देखते हुए सिटी फॉरेस्ट का प्लान किया गया। इस सिटी फॉरेस्ट में कोई भी परिवार दिन भर आनंदित रह कर अपना समय गुजार सकता है। इससे परिवार की जरूरतें तो पूरी होंगी, वहीं मेहमानों को भी खुश किया जा सकेगा।
देश में कई जगहों पर सिटी फाॉरेस्ट हैं। इसमें गाजियाबाद, मथुरा, सोनीपत और दिल्ली शामिल है। इन शहरों के सिटी फॉरेस्ट में पैदल चलने के लिए रास्ते, साइकिल ट्रैक, घुड़सवारी, खुली जीप या जिप्सी सवारी, निर्देशित पर्यटन, झीलें, योगा सेंटर, झूला, और आकर्षक लाइटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध है। मध्यप्रदेश में इंदौर और जबलपुर में भी सिटी फॉरेस्ट बनाने की तैयारी की जा रही है। इसे देखकर ही छिंदवाड़ा में सिटी फॉरेस्ट की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
इनका कहना है
देश के बड़े शहरों की तरह छिंदवाड़ा में भी नगर वन की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसे प्रदेश शासन के माध्यम से भारत सरकार को भेजा गया है। इस कार्ययोजना में एक करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इससे शहर से सात किमी दूर पोआमा के पीछे अच्छी पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी।
-ब्रिजेन्द्र श्रीवास्तव, डीएफओ पूर्व वनमण्डल छिंदवाड़ा।
Published on:
29 Nov 2024 10:47 am
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