
tiddi dal attack this time outbreak of grasshopper
छिंदवाड़ा/ पिछले चार दिनों से टिड्डियों के दल ने चौरई, अमरवाड़ा, हर्रई और परासिया, सौंसर के कुछ गांवों में उत्पात मचाया, लेकिन वे फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाए हैं। जिले के लिए यह अच्छी बात रही कि मैदानी इलाकों में यह दल सक्रिय ज्यादा रहा। इसी वजह से इन पर नियंत्रण करने में भी सफलता मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां इस कीट के आसपास सक्रिय रहा है उसके सटे गांवों में किसान और ग्रामीण अभी भी सुबह-शाम निगरानी कर रहे हैं और उन्हें नष्ट करने व भगाने की पूरी तैयारी में हैं। उक्त क्षेत्रों में किसान समूह बनाकर रात में रखवाली कर रहें हैं। ध्यान रहे टिड्डियों का दल शाम को पेड़ों पर जंगलों मेंं या फिर खेतोंं की फसलों पर एक साथ लाखों की संख्या में बैठता है। रातभर वो एक ही स्थान पर रहता है। इनपर नियंत्रण करने के लिए शाम का समय और सुबह बिल्कुल तडक़े 4.30 से पांच बजे का समय सबसे सटीक रहता है।
उपसंचालक कृषि जेआर हेडाऊ ने बताया कि अमरवाड़ा के ग्राम हरनभटा व सेजा, हर्रई विकासखंड के ग्राम भूमका व बिछुआ, परासिया विकासखंड के ग्राम लिखावाड़ी और सौंसर विकासखंड के ग्राम जाम में टिड्डी दल पर दवाइयों का स्प्रे कर नियंत्रित किया गया है। इनके मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसानों को जागरूक कर टिड्डी दल को खेतों में बैठने नहीं दिया जा रहा है। जिले के कृषकों के जागरूक होने से टिड्डी दल अभी तक फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा पाया है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं से फसलों के नुकसान की जानकारी मिलती है तो विभाग के मैदानी अमले से इसका आकलन कराया जाएगा। किसानों से भी कहा गया है कि वे सचेत रहे व टिड्डी दल देखे जाने पर खुद तो रोकथाम के उपाय करें, साथ ही विभाग के मैदानी अमले और अधिकारियों को भी जानकारी दें।
टिड्डी दल को उड़ाते समय टांके में गिरा किसान का बेटा, पानी में डूबने से हुई मौत
अमरवाड़ा नगर से पांच किलोमीटर दूर भुमका घाटी से होते हुए टिड्डी दल ग्राम कूदबारी पहुंचा। मंगलवार की दोपहर में लोग तेज आवाज करके टिड्डी दल को उड़ाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान छह वर्षीय बालक टिड्डियों को उड़ाते-उड़ाते लघु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण स्थल पर ठेकेदार द्वारा बनाए गए 10 फीट गहरे पानी से भरे टांके में गिर गया और पानी में डूबने से बालक ओम पिता उपास चंद्र यादव की मौत हो गई। ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी को दोषी करार देते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं पीडि़त परिवार को शासन एवं ठेकेदार से मुआवजे दिलाए जाने की मांग की गई है।
Updated on:
03 Jun 2020 04:56 pm
Published on:
03 Jun 2020 04:40 pm
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