छिंदवाड़ा. वह आईएस बनना चाहती थी। प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करना चाहती थी। इसके लिए उसने उड़ान भी भर ली थी। 2013 में हनी मनचंदा ने कन्या परासिया शाला टॉप किया था। उसका चयन माध्यिमक शिक्षा मंडल के छात्रवृत्ति के लिया किया गया और उसे मुख्यमंत्री ने लैपटॉप भी दिया था। बारहवीं में विज्ञान से टॉप करने के बाद वो कला संकाय में आ गई। छिंदवाड़ा गल्र्स कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। लेकिन सोमवार को उसने जो कदम उठाया उससे पूरा जिला हतप्रभ है। हनी को फेफड़े का टीबी था। जिसका इलाज चल रहा था और वह लगभग ठीक भी हो गई थी। लेकिन उसकी एक भूल ने उसकी अपनी जिंदगी छीन ली। उसने इंटरनेट में कुछ जानकारी जुटाई और उसे लगा कि उसे ब्रेस्ट कैंसर हो चुका और बच नहीं सकती। उसने सुसाइड नोट में अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए लिखा कि उसे कैंसर है और आप मेरा इलाज नहीं करवा पाओगे। इसलिए मैं आप सबसे दूर जा रही हूं।