
Hearing in Family Counseling Center
छिंदवाड़ा. परिवार के सदस्यों की मर्जी के खिलाफ जाकर विवाह करने वाले युवक और युवती के बीच अनबन बढ़ गई है। अब शादी टूटने की कहार पर पहुंच चुकी है। दम्पती के बीच जमकर विवाद चल रहा है और महिला अपने पति के साथ किसी भी सूरत में नहीं रहना चाहती। शनिवार को पारिवारिक विवाद के मामलों पर कोतवाली थाना परिसर स्थित परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई हुई, जिसमें इस मामले पर भी सुनवाई हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया।
कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक और युवती ने परिवार के सदस्यों की इच्छा के खिलाफ जाकर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में शादी रचा ली। करीब दो माह तक दोनों साथ में अच्छी तरह रहे, लेकिन उसके बाद विवाद शुरू हो गया। महिला का आरोप है कि पति उसे कमरे में बंद करके शराब के नशे में मारपीट कर प्रताडि़त करता है। महिला का आरोप है कि एज्युकेशन से सम्बंधित सभी दस्तावेज उसके पति ने अपने कब्जे में रख लिए हैं। वह पूरी सामग्री लौटाकर उसके दस्तावेज मांग रही है और उसके पति के साथ नहीं रहना चाहती। वहीं दूसरी तरफ पति का आरोप है कि महिला के माता-पिता शादी के बाद से ही तलाक के लिए दबाव बना रहे हैं। इसी के चलते वह बार-बार तलाक मांग रही है जबकि वह पत्नी को रखना चाहता है।
ससुराल से भागकर बचाई जान
एक अन्य मामले में सुनवाई के दौरान काउंसलर्स के सामने आया कि साल 2017 में सामाजिक रीति रिवाज से शादी हुई। पति और पत्नी अच्छे से रह रहे थे। महिला का आरोप है कि सास ससुर और ननद ने उसे प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। एक दिन केरोसिन डालकर आग लगाने का प्रयास किया, वह किसी तरह ससुराल से जान बचाकर भागी, जिसके बाद लौटकर नहीं गई। दोनों ही मामलों में समझौता नहीं हो पाया। सुनवाई काउंसलर डब्ल्यूएस ब्राउन, नीलू यादव शबनम खान और सुमन तिवारी समेत आरक्षक दिनेश सोनी आदि ने की।
Published on:
21 Jul 2019 08:10 am
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