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दस दिनों में सातवीं मौत से फैली दहशत, महामारी बन रही है ये बीमारी

स्वाइन के फ्लू के सातवें पीडि़त ने भी नागपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ा

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death

horribleness from the seventh death

छिंदवाड़ा/ अमरवाड़ा. जिले में स्वाइन फ्लू से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तब सात लोगों की इससे मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार अमरवाड़ा तहसील के ग्राम कुदवारी निवासी युवक अरुण यादव को जिला अस्पताल से नागपुर रैफर किया गया था। चार दिन नागपुर में भर्ती रहने पर चिकित्सकों ने उसे रिपोर्ट में उसे स्वाइन फ्लू बताया था। आठ दिन पहले अरुण को बुखार आया था। रविवार की शाम नागपुर में उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह बीमारी महामारी बन रही है। आम तौर पर एच-वन एन-वन इन्फ्ल्यूएंजा या स्वाइन फ्लू 4 वायरसों के संयोजन से होता है जिसके वाहक सुअर होते हैं। अभी तक यह वायरस जानवरों के लिए घातक नहीं था और न ही इसने इंसानों को प्रभावित किया था। जब से इस विषाणु का उत्परिवर्तन हुआ है, इस फ्लू ने महामारी का रूप धारण कर लिया है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्तिमें तेजी से फैल रहा है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण
1. स्वाइनफ्लू (एच1एन1) वायरस संक्रमणकारी बीमारी है ।
2.संक्रमण छींक या खांसी के सम्पर्क में आने के कारण होता है।
3.संक्रमण जुलाई से फरवरी माह में ज्यादा सक्रिय होता है।
4.संक्रमण नाक, मुंह एवं गले से आरंभ होकर फेफड़ों तक पहुंचकर जानलेवा हो सकता है।
5.गले स्तर पर अर्थात् सांस लेने में तकलीफ होती है।
लक्षण दिखने पर तुरंत जाएं अस्पताल
सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में खरास, सिर दर्द, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ होने पर मरीज तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें और परामर्श का पालन करें। इसमें 24 घंटे के भीतर उपचार आरम्भ करना आवश्यक है यदि इलाज कराने में देरी की गई तो घातक साबित हो सकती है।

ये रखें सावधानियां
1. खांसते एवं छींकते समय मुंह पर रुमाल रखें।
2. संक्रमण से बचाव के लिए भीड़-भाड़ से दूर रहें।
3. किसी वस्तु, व्यक्ति एवं स्वयं के चेहरे को छूने से पहले एवं बाद में साबुन से हाथ धोयें।
4. संक्रमित व्यक्ति से लगभग एक मीटर की दूरी बनाए रखें।
5. अशंका होने पर डॉक्टर को दिखाएं।