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छिंदवाड़ा / कोविड-19 महामारी में सेवा दिए जाने के उद्देश्य से शासन ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आयुष चिकित्सकों की अस्थाई नियुक्ति के अनुमति दी है। इसके चलते जिले में जिला अस्पताल समेत विभिन्न विकासखंडों में संचालित चिकित्सा संस्थानों में आयुष चिकित्सक संविदा कोविड-19 के तहत नियुक्त किए हैं।
बताया जाता है कि नियुक्ति से पहले सम्बंधित डॉक्टरों को शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, बीएएमएस का जीवित पंजीयन प्रमाण-पत्र समेत अन्य दस्तावेजों को प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई आयुष डॉक्टरों ने करीब एक महीने से उक्त पंजीयन प्रमाण-पत्र सीएमएचओ कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किए हैं। इस मामले में सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजेस ने बताया कि आयुष डॉक्टरों को पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के लिए बोला जा चुका है, इसके बाद भी जो गंभीरता नहीं दिखाएंगे उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही सेवा समाप्ति भी की जा सकती है।
डाटा एंट्री ऑपरेटरों को नहीं मिला मानदेय
आउटसोर्स के माध्यम से जिले की पीएचसी में दे रहे सेवाएं
जिले में संचालित शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त डाटा एंट्री ऑपरेटरों को विगत कई माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसकी वजह से उन्हें कोविड-19 काल में आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मानदेय को लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने कई बार शिकायत कर भुगतान की मांग की, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली है।
इस संदर्भ में सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजेस ने बताया कि शासन ने उक्त मद में बजट स्वीकृत नहीं किया है, जिसकी वजह से डाटा एंट्री ऑपरेटरों के मानदेय भुगतान में समस्या आ रही है।
Updated on:
24 May 2020 06:31 pm
Published on:
24 May 2020 06:31 pm
