मौसम विभाग के मुताबिक इसी सप्ताह के बाद मानसून आने की संभावना है, लेकिन राज्य के ज्यादातर नगरीय निकायों में अब तक नालों की सफाई अधूरी है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों में ड्रैनेज व्यवस्था पहले से जर्जर है। छोटे कस्बों में तो हाल और भी खराब हैं, जहां नालों पर अतिक्रमण, कचरे का अंबार और अव्यवस्थित सीवर व्यवस्था बारिश के पानी के निकलने का रास्ता ही बंद कर देते हैं। हर साल मई में नगरीय प्रशासन को युद्धस्तर पर सफाई और मरम्मत के काम पूरे करने चाहिए, लेकिन इस बार भी अधिकांश जगहों पर यह काम या तो कागजों में हुआ है या आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है।