
कम नहीं हो रही शिशु मृत्यु दर
पंाढुर्ना. सरकारी कोशिशों के बावजूद शिशु मृत्यु दर में कमी नहीं आ रही है। अभी भी प्रति हजार बच्चों के जन्म पर लगभग 46 शिशुओं की मृत्यु हो रही है। वहीं 20 प्रतिशत बच्चों में कुपोषण की समस्या है। सरकार इसके लिए हर साल करोड़ों रुपए की योजनाएं संचालित कर रही है। आयरन से लेकर हर दिन के डाइट का चार्ट तैयार कर उसे फॉलो किया जा रहा है लेकिन इससे कोई अच्छे परिणाम सामने नहीं आ रहे है।
उक्ताशय की जानकारी सिविल अस्पताल में दस्तक अभियान के तहत् स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेने पहुंचे डीएचओ डॉ. डीएस धुर्वे ने दी। उन्होंने उपस्थित सुपरवाइजर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता को निर्देश देते हुए कहा की दस्तक अभियान के माध्यम से हम खाई को भर सकते है। आप घर-घर जाकर शिशु के जन्म, मां की परवरिश के तौर तरिकों के साथ शिशुओं को खाना खिलाने के टाइम-टेबल सहित सभी प्रकार की जानकारी एकत्र करें, जिससे कुपोषण का नामोनिशान मिट जाएं और शिशु स्वस्थ्य रहकर नए भविष्य का निर्माण कर सकें। इस मौके पर डीपीएम शैलेन्द्र सोमकुंवर, बीएमओ डॉ. अशोक भगत, बीपीएम हरिलाल कुमरे आदि उपस्थित थे।
10 जून से चलेगा अभियान
बीएमओ डॉ. अशोक भगत ने बताया कि दस्तक अभियान 10 से जून से लेकर 20 जून तक चलाया जाएगा। इसमें कुपोषित बच्चों को ढुंढकर शिशुओं के लक्षण देखकर बीमारी चिह्नांकित की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के शिशुओं की मृत्यु दर कम करना है। शिशुओं में रक्त की कमी होगी तो उन्हें सिविल अस्पताल में ही रक्त चढ़ाया जाएगा। आयरन की कमी होने पर आयरन सीरप दिया जाएगा। गर्भवती माताओं का ट्रेंड करना जरूरी है जिससे शिशुओं की देखभाल करने में मदद मिलेगी। अधिक कुपोषित बच्चों को सौंसर स्थित एनआरसी सेंटर रैफर किया जाएगा।
Published on:
04 Jun 2019 04:55 pm
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