18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दोनों पक्ष में राजीनामा के बावजूद वाहन चालक को मिली सजा, जानें वजह

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने सुनाया फैसला

2 min read
Google source verification
High court

हाईकोर्ट

छिंदवाड़ा. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी छिंदवाड़ा ने आरोपी नितिन शुक्ला निवासी गोलगंज छिंदवाड़ा को तीन हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
15 मई 2013 को फरियादी दीपक साहू अपनी बाइक से लगभग आठ बजे कामठी ज्वेलर्स के पास पहुंचा था। चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए आया जिससे बाइक सवार गिरने से बचा। आरोपी को सावधानी से गाड़ी चलाने के लिए कहा जिस पर से आरोपी चालक और उसके भाई ने दीपक के साथ मारपीट की। घायल ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली थाना में दर्ज कराई थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई के दौरान फरियादी व आरोपीगण के मध्य राजीनामा हो गया था पर अभियोजन ने तर्क प्रस्तुत किया कि घटना दिनांक को कार वैध रूप से पंजीकृत नहीं थी और न ही वाहन का बीमा था। तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने आरोपियों को बिना रजिस्ट्रेशन एवं बिना बीमा के वाहन चलाने के लिए दोषी ठहराया। प्रकरण में शासन की तरफ से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी परितोष देवनाथ ने पैरवी की।

दोषी वाहन चालक को दो साल का कारावास

वहीं, न्यायालय तबस्सुम खान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी चौरई ने आरोपी अनिल कहार निवासी ग्राम जोगीवाड़ा थाना कुरई जिला सिवनी को भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 304 ए में दोषी पाया। दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 के अंतर्गत छह माह और एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए में दो साल के कारावास और एक हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। 15 नवम्बर 2013 की शाम को राधेश्याम अपनी बाइक से विशाल, रिंकी और निशा शर्मा के साथ गोरैया से थावरी जा रहे थे। राधेश्याम ऋषि शर्मा के मकान के सामने पहुंचे तभी कुंडा तरफ से आ रहे चौपहिया वाहन क्रमांक एमपी 28 जी 1334 के चालक अनिल ने राधेश्याम की बाइक को टक्कर मारी। दुर्घटना में राधेश्याम, विशाल और रिंकी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं निशा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी उमेश पटेल ने पैरवी की।