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छिंदवाड़ा

होली पर इन बातों का रखें ध्यान, खुशियां होंगी दोगुनी

हर्बल कलर घोलेंगे रिश्तों में मिठास

छिंदवाड़ाMar 01, 2018 / 05:25 pm

Rajendra Sharma

Holi 2018

हाथों में रंग गुलाल लिए सुबह से ही टोलियां शहर भर में निकल पड़ी। आप भी देखें होली सेलिब्रेशन की कुछ खूबसूरत तस्वीरें

रंग-पिचकारी से बाजार हुआ सतरंगी
शहर का बाजार धुरेड़ी के दो दिन पहले से ही सतरंगी दिखाई देने लगा है। शहर के बाजारों में जगमगाती रोशिनयों के बीच रंग, अबीर गुलाल होली प्रेमियों के लिए उपलब्ध हो गए हैं। इस बार भी बाजार में सतरंगी गुलाल की मांग बनी हुई है। नीले, पीले, लाल, हरे गुलाबी गुलाल की मांग खूब बनी हुई है। इधर टेसू, गुलाब, चंदन से तैयार किए हुया हुआ गुलाल भी उपलब्ध है। यहां सबसे खास बात यह है कि सावधानी बरतें ओर हर्बल कलर से ही होली खेलें।
होली रंगों का त्योहार है। इस ओकेजन में एक-दूसरे पर रंग न डाला जाए, एेसा हो नहीं सकता। लेकिन मार्केट में मिलने वाले केमिकलयुक्त कलर रंग में भंग डालते हैं। इनसे न सिर्फ स्किन खराब होती है बल्कि यह आंख, बाल को भी नुकसान पहुंचता हैं। यदि आप हेल्थ कॉन्सियस हैं, तो घर पर ही हर्बल कलर तैयार कर सकते हैं। इनसे रिश्तों में मिठास आएगी और कलर हटाने के लिए किसी भी प्रकार की मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।
यदि आप सूखे हर्बल कलर तैयार करना चाहते हैं, तो आपको फूल व पत्तियों को पहले कड़ी धूप में सुखाना होगा। इसके बाद उन्हें पीसकर रंग तैयार करना होगा। पत्तियों को सुखाने के लिए १२ घंटे का समय पर्याप्त है। यदि आप आज उन्हें धूप में डाल देंगे, तो आप सूखा कलर तैयार कर सकते हैं। जबकि आप लिक्विड कलर के लिए ताजे फूल व पत्तियों का यूज कर सकते हैं।
करें खास केयर

होली पर आपको केमिकलयुक्त रंगों से बचाव भी करना होगा। इसके लिए आप फुल बाह के कपड़े पहनें। घर से निकलने से पहले ऑयल व फेस पर क्रीम अच्छे से लगा लें, जिससे कलर का असर न हो सके।
एेसे तैयार करें रंग

गुलाबी रंग: चुकंदर की जड़ को देर तक उबालें। पानी पूरी तरह गुलाबी होने पर ठंडा कर उसे छान लें। अब यह रंग होली खेलने के लिए तैयार है।
नारंगी रंग: टेशू के फूल को उबालें। कुछ ही समय में वे रंग छोड़ देंगे। अब ठंडा करें और उसे गाढ़ा करने के लिए मैदा मिक्स करें।
ग्रीन कलर: नीम की पत्ती को साफकर उबाल लें। अब उन्हें मिक्सी में पीस लें। पानी में घोलकर छान लें और इस्तेमाल करें।
लाल रंग: गुलाब व गुड़हल के फूल को पानी में उबालें। थोड़ी देर में ही पानी का रंग लाल हो जाएगा। अब उसे छानकर स्तेमाल करें।
पीला रंग: पलाश, टेशू व गेंदे के फूल को पानी में उबालें। गाढ़ा करने आप उसमें हल्का मैदा मिक्स कर सकते हैं।
केसरिया रंग: गुलमोहर की पत्तियों को उबालकर पीस लें। अब उसमें पानी मिलाएं और छान लें। केसरिया रंग तैयार है।
नेचुरल कलर की ऐसे करें पहचान

यदि आप हर्बल कलर घर पर तैयार नहीं कर पा रहे, तो मार्केट से नेचुरल कलर परचेज कर सकते हैं, लेकिन उसके लिए आपको अवेयर रहना होगा। इसकी पहचान आप आसानी से कर सकते हैं।
– अधिकतर कलर में सेंट के साथ इंजन ऑयल मिलाया जाता है। सूंघकर आप नेचुरल कलर की पहचान कर सकते हैं।
– कलर घोलने पर यदि कुछ कण बचते हैं, तो उस कलर में अन्य तत्व मिले हैं।
– रंग को जलाने पर उससे सफेद की जगह किसी अन्य कलर का धुआं निकलता है, तो उसमें मिलावट है।
– कलर को हाथ में रखकर पानी की बूंद डालते ही कुछ देरे में जलन होने लगती है।

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