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Anti mafia operation: 22 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं सट्टा माफिया लवकुश अग्रवाल के खिलाफ

माफिया विरोधी कार्रवाई की जद में आया परासिया का चार मंजिला प्रतिष्ठान

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Campaign against Mafia: 22 criminal cases are registered against speculative mafia Lavkush Aggarwal,Parasia's four-storey establishment came under attack of anti-mafia

छिंदवाड़ा। राज्य शासन द्वारा माफियाओं के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान की कड़ी में नगरपालिका परासिया और जिला व पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार को परासिया के सट्टा माफिया लवकुश अग्रवाल पर संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए परासिया बाजार में स्थित एलके टावर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
प्रशासन का कहना है कि एलके टावर के मालिक सट्टा माफिया लवकुश अग्रवाल के विरुद्ध छिंदवाड़ा और जबलपुर में विभिन्न धाराओं में 22 आपराधिक प्रकरण दर्ज हंै। उसके तार मध्यप्रदेश के बाहर से भी जुड़े हुए थे। उसके द्वारा अवैध कमाई से डब्ल्यूसीएल की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके भाग्यश्री ज्वेलर्स के नाम से चार मंजिला आलीशान भवन का अवैध निर्माण कर संचालित किया जा रहा था।

ऐसी थी बिल्डिंग
चार मंजिला बिल्डिंग एलके टावर पूरी तरह से सेंट्रलाइज एयरकंडीशनर और आधुनिक लिफ्ट सुसज्जित थी। अनुमानित कीमत लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए बताई जाती है। यहां पर लवकुश अग्रवाल का परिवार भाग्यश्री ज्वेलर्स प्रतिष्ठान संचालित करता है। पहली मंजिल पर चांदी, दूसरी पर सोना तथा तीसरी मंजिल पर डायमंड के जेवरात का शोरूम था। चौथी (अंतिम) मंजिल पर ऑफिस बनाया गया था। इस भवन में करीब 40 कर्मचारी कार्यरत हैं।

शुरू से विवादों में रहा है एलके टावर
निर्माणकाल से ही एलके टावर विवादों में रहा है। दरअसल, टावर जिस जगह पर बना हुआ है वह वेकोलि स्वामित्व की जमीन है। भवन निर्माण के समय आपत्ति उठाई गई थी। इस सम्बंध में जिला न्यायालय में प्रकरण लंबित है। अधिवक्ता राकेश डेहरिया ने कहा कि उनके पक्षकार के साथ अन्याय किया गया है। जमीन वेकोलि के स्वामित्व की है और नगरपालिका ने निर्माण के लिए अनापत्ति दी है। इसके बाद भी द्वेषपूर्ण ढंग से कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि लवकुश अग्रवाल पर सटटा के अवैध संचालन को लेकर कई प्रकरण दर्ज हैं। उस पर जिला बदर की कार्यवाही भी हो चुकी है। पुलिस के छापे में सट्टा संचालित करने के लिए मिनी एक्सचेंज सहित आधुनिक उपकरण बरामद किए गए थे। कुछ वर्ष पूर्व इनके पुत्रों ने भाजपा की सदस्यता ली थी जिस पर स्थानीय भाजपा इकाई ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इस पर सदस्यता को लम्बित कर दिया गया था। पिछले विधानसभा चुनाव में मतगणना के पूर्व सोहन वाल्मिक की विजय का लगाया गया होर्डिंग भी काफी चर्चाओं में रहा। लवकुश अग्रवाल के भाजपा सहित कांग्रेस के नेताओं से व्यक्तिगत रिश्ते बहुत मजबूत रहे हैं।

&मेरा विरोध या समर्थन किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं है। यह कार्रवाई सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है। नगर के व्यापारियों की हालत पहले से खस्ता है। राजनीतिक द्वेषवश इस तरह दुकानों को तोड़े जाने से भविष्य में गलत परम्परा की शुरुआत होगी।
-सोहन वाल्मिक, कांग्रेस विधायक, परासिया