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सामाजिक क्रांति का अग्रदूत था यह महापुरुष

महात्मा ज्योतिबा जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित

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chhindwara

Mahatma Jyotiba Phule Jayanti

छिंदवाड़ा. महात्मा ज्योतिबा फु ले समिति ने रविवार को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया। महात्मा फुले उद्यान नोनिया करबला सब्जी मंडी में यह कार्यक्रम हुआ।
समिति के संयोजक राजेश दौडक़े ने बताया कि कार्यक्रम में महेंद्र सिंह भाटी पार्षद, अध्यक्ष सतीश दौडक़े, महादेव सातपूते, नामदेव सरोदे, शिवराम आलोनकर, परसराम बाडबूदे, वासुदेव दौडक़े विश्ेाष रूप से उपस्थित थे। सर्वप्रथम अतिथियों ने भगवान श्रीराम व महात्मा फुले के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। समिति के संयोजक ने महात्मा फु ले के जीवन पर प्रकाश डालकर उन्हें साहित्यकार और शिक्षा क्रंाति का अग्रदूत बताया। महेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि महात्मा फुले ने विषम परिस्थितियों में शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया। भारत में शिक्षा की नींव रखी। उन्होंने लड़कियों के लिए भारत का पहला स्कूल खोला। वह विधवा विवाह के समर्थक थे, बाल विवाह के घोर विरोधी थे। महादेव सातपुते ने महात्मा फुले को सामाजिक क्रांति का अग्रदूत बताया। सच्ची समाज सेवा के कारण आज उन्हें महात्मा की उपाधि दी गई।
मंच संचालन राजेश दौडक़े ने किया। कार्यक्रम में जित्तू सेमेकार, सुनील चरपे, अखिलेश चरपे, जितेन्द्र सातपूते, अरुण घोरसे, अनिल सातपूते, राजेश दौडक़े, गोलू चरपे, पिंटू सातपुते, सूरज चरपे, अजाबराव दौडक़े उपस्थित रहे।